सौंफ सरप्राइज!! मासिक चक्र को नियमित करने में मदद करती है सौंफ

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मासिक चक्र को नियमित करने के लिए सौंफ को गुड के साथ खाएं । सौंफ खाने से याददाश्त तेज होती है इसके लिए सौंफ मिश्री को समान मात्रा मे मिला चूर्ण बनाएं खाने के बाद इस मिश्रण को 2 चम्मच सुबह – शाम 2 महीने तक खाने से फायदा होता है ।

सौंफ का काढ़ा बना कर 10-15 ग्राम घी व मिश्री मिला कर रात को सोते समय लेने से नींद अच्छी आती है काढ़े में थोड़ा सी सेंधा नमक मिला कर सुबह – शाम एक हफ्ते तक पीने से सुस्ती दूर होती है सौफ़ एक अच्छी माउथ फ्रेशनर है।

बच्चो में पेट के रोग होने पर चम्मच सौंफ के चूरन को 2 कप पानी में अच्छी तरह उबाले पानी एक चौथाई किये जाने पर छान का ठंडा कर लें । एक एक चम्मच दिन में 2, 3 बार पिलाएं इससे बच्चों में पेट का अफारा अपच, दूध उलटना, मरोड़ आदि की शिकायतें दूर होती हैं।

बड़ों को भी सौंफ खाने से पेट और कब्ज की शिकायत नही होती । इसके लिए सौंफ को मिश्री के साथ पीस कर चूर्ण बना लें और लगभग 5 ग्राम चुर्ण सोते समय गुनगुने पानी के साथ पिएं इससे गैस व कॉनिस्टपेशन सहित पेर की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी पेट दर्द हो तो भूनी हुई सौंफ को चबा का खाए ।

सौंफ खाने से आंख की रोशनी बढ़ती है रोज खाना खाने के बाद 1 चम्मच सौंफ खाएं या फिर आधा चम्मच सौफ़ का पूर्ण 1 चम्मच मिश्री के साथ मिला कर रात को सोते समय दूध के साथ लें सौफ का चूर्ण दूध के बजाय पानी के साथ भी लिया जा सकता है दस ग्राम सौंफ के अर्क को शहद में मिला कर दिन में 2-3 बार खाने से खांसी ठीक होती है । सौंफ को अंजीर के साथ खाने से भी खांसी व बोन्काइटिस में आराम मिलता है

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