नियमों का उल्लंघन करने वाले और शराब पीकर वाहन चलाने वालों को महज़ कुछ दिन के लिए नहीं बल्कि महीनों के लिए होगी जेल

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अक्सर लोग नशा करने के बाद गाड़ी चलते हैं और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते है। ऐसा करना न सिर्फ एक अपराध है बल्कि ऐसा करना खतरनाक भी साबित हो सकता है। इसके लिए कानून बनाया गया है लेकिन उस कानून का पालन कोई नहीं करता। इन कानून में अब और भी सख्ती लाई गई है। दरअसल राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस को आदेश दिया कि इस कानून को तोड़ने वाले चालकों की सजा बढ़ा दी जाए। ऐसे वाहन चालाक को शराब के नशे में धुत्त होकर वाहन चलाते हैं उनको कुछ दिन के लिए नहीं बल्कि कई महीनों के लिए जेल में रखा जाना चाहिए।

Those who violate the rules and drinkers will not be allowed for a few days but for months

गौरतलब है कि दिल्ली के साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनाली गुप्ता की अदालत एक ऐसे ही मामले की सुनवाई कर रही थी। नशे में गाड़ी चलाने का एक मामला कोर्ट में आया था। इस मामले में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले चालाक मोहन नामक शख्स को अदालत ने 2 महीनों के लिए सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

Those who violate the rules and drinkers will not be allowed for a few days but for months

अदालत ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले और शराब पीकर वाहन चलाने वालों को महज़ कुछ दिन के लिए नहीं बल्कि महीनों के लिए जेल में डाला जाना चाहिए। देश में आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जिसमें चालाक शराब पीकर वाहन चलाते हुए पाया जाता है। देश में इस तरह की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं।

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Those who violate the rules and drinkers will not be allowed for a few days but for months

पिछले कुछ सालों के आकड़ों पर नज़र दौड़ाई जाए तो 30 से लेकर 40 फ़ीसदी तक की बढ़ोतरी इन मामलों में पाई गई है। इस तरह का कानून तोड़ने पर सजा का प्रावधान बेहद ही कम होने की वजह से ऐसे मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कम सजा का प्रावधान होने की वजह से लोगों के मन में इसका डर लगभग पूरी तरह से ख़त्म हो गया है और इसी वजह से इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही है।

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अदालत ने मोहन को दो माह की जेल की सजा सुनाई साथ ही उसके ऊपर 3 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मोहन को दो साल पहले दिल्ली पुलिस ने नशे की हालत में बाइक चलाते हुए आश्रम चौक पर पकड़ा था। दरअसल मोहन बेहद ही गलत तरीके से बाइक चला रहा था जिस पर पुलिस ने उसे पकड़ कर जांच की तो पता चला मोहन ने शराब पी रखी थी।

उसकी शरीर में एल्कोहल की मात्रा 162/100 एमजी पाई गई थी जो कि निर्धारित मात्रा से बहुत ज्यादा है। निर्धारित मात्रा 30/100 एमजी है। इसके बाद अदालत ने पुलिस को आदेश दिए हैं कि जो वाहन चालाक नशे में पाया जाता है उसे महीने भर के लिए जेल में रखा जाए।

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