अमूल मक्खन खाने वालों को शायद ही इनका पता होगा

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वर्गीज़ कुरियन का जन्म 26 नवंबर 1921 में हुआ था। वह भारतीय इंजीनियर और भारत के श्वेत क्रांति जनक थे। उन्हें विश्व के सबसे बड़े कृषि विकास कार्यक्रम ‘ऑपरेशन फ्लड’ के लिए श्वेत क्रांति का पिता कहा जाता है। छोटे किसानों तक प्रौद्योगिकी पहुंचाने की इनकी योजना पर दुनिया को संदेह था इसके बाद भी उनके असमान्य विचारों के साथ राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के द्वारा उन्होंने भारत के दुग्ध उत्पादन में लगातार बढ़ौतरी दर्ज की।

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श्वेत क्रांति के इस अग्रदूत की अगवाई में भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन गया। ऑपरेशन फ्लड से उन्होंने अमेरिका को 1998 में पछाड़ते हुए भारत को सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनाया। दुग्ध कृषि भारत में सबसे बड़ी आत्मनिर्भर इंडस्ट्री बन गई। उन्होंने भारत को कई तेलों में भी आत्मनिर्भर देश बनाया। वर्गीज़ कुरियन ने 1940 में मद्रास के लोयोला कॉलेज से फिज़िक्स में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। अपनी डिग्री खत्म होने के बाद उन्होंने जमशेदपुर में टाटा स्टील टेकनिकल इंस्टीट्यूट से अपनी पढ़ाई 1946 में पूरी की। कुरियन ने अपने शब्दों में कहा था, ‘मुझे डेयरी इंजीनियरिंग करने के लिए सरकारी स्कॉलरशिप पर अमरीका की मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी में भेज गया। मैंने वहां थोड़ा धोखा किया, मैंने वहा पर मैटालर्जिकल और न्यूकलियर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की क्योंकि मुझे लगता था कि जल्द ही मेरे स्वतंत्र होने वाले देश और मेरे लिए इन विषयों में पढ़ना ज़्यादा फायदेमंद साबित होगा।’ हालांकि बाद में उन्हें सरकारी स्कॉलरशिप पर न्यूज़ीलेंड में डेयरी तकनीक पर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया जहां उन्होंने अमूल डेयरी को बनाने के बारे में ट्रेनिंग ली।

भारत के दूधवाले से मशहूर कुरियन ने कई अवॉर्ड जीते जिसमें पद्म विभूषण, विश्व खाना सम्मान और कम्यूनिटी लीडरशिप के लिए मैगसेसे अवॉर्ड खास है। वर्गीज़ कुरियन का निधन इस साल लंबी बीमारी के बाद 9 सितंबर को गुजरात के आनंद में हुआ। वह 90 वर्ष के थे। उनके निधन पर अमूल की वह लड़की जो अमूल का लोगो है अपने जनक के निधन पर काफी रोई।

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