सायनाइड से भी ज्यादा खतरनाक है ये भारतीय फल, नाम जानकर उड़ जाएगे होश…

552

आपको पता ही होगा की सायनाइड को दुनिया का सबसे तेज जहर माना जाता है। इसको जुबान पर रखने मात्र से ही व्यक्ति की मौत हो जाती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे भारतीय फल के बारे में बता रहें हैं जो साइनाइड से भी जहरीला है। इस फल को यदि कोई व्यक्ति चख भी लेता है तो उसकी मौत तुरंत हो जाती है। आपको बता दें कि इस खतरनाक फल का नाम “सरबेरा ओडालम” है और यह भारत के दक्षिण-पूर्व में पाया जाता है। असल में इस फल के बीज के अंदर सरबेरीन नामक एक खतरनाक तत्व पाया है। यह तत्व बहुत जहरीला होता है। इस तत्व की थोड़ी सी मात्रा भी यदि व्यक्ति के शरीर के अंदर पहुंच जाती है तो उसकी मौत हो सकती है। यही कारण है कि इस फल को बहुत खतरनाक तथा जानलेवा माना जाता है।

loading...

इस फल के पेड़ के बारे में शोधकर्ता भी यह मानते हैं कि दुनिया में जितने भी जहरीले पौधे पाए जाते हैं। सरबेरा उन सभी में से सबसे ज्यादा खतरनाक तथा जानलेवा पौधा है। यदि कभी गलती से भी इसके फल का सेवन कोई कर लेता है तो उसको उल्टी, चक्कर, डायरिया तथा अनियमित धड़कन जैसी समस्याएं आने लगती हैं। वैज्ञानिक तो यह भी मानते हैं कि इस पेड़ का फल इतना ज्यादा जहरीला होता है कि उसके सामने कोबरा सांप का जहर तथा सायनाइड भी फेल हो जाते हैं। इस पौधे के फल में जो एंजाइम पाया जाता है वह मानव शरीर की कार्य प्रणाली को प्रभावित करता है।

इस पौधे के फल के अंदर का सरबेरीन तत्व मानव के ह्रदय की मांसपेशियों को सिकोड़ डालता है। इस कारण से इंसानी दिल की धड़कन बंद हो जाती है। इस पौधे का जहरीला फल मानव के नर्वस सिस्टम को बंद कर देता है। इस कारण मानव शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं और शरीर एक प्रकार से पैरालाइज्ड हो जाता है। सरबेरी के इस पौधे के फल को “सुसाइड फ्रूट” भी कहा जाता है। असल में जो व्यक्ति इसके फल को खा कर मरते हैं उनकी मौत का कारण जल्दी स्पष्ट नहीं हो पाता है। उसको जानने के लिए कई प्रकार के टेस्ट करने पड़ते हैं।

सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :-

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन 1000 से भी ज्यादा रेलवे की सभी नौकरियों की सही जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें 
अपनी मन पसंद ख़बरे मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.