स्वयं को प्रेरित करना सीखें

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अक्सर कहा जाता है कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की प्रेरणा का हाथ होता है। वैसी भी हर व्यक्ति को किसी न किसी की प्रेरणा की आवश्यकता महसूस होती है परंतु कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते हैं, जो स्वयं को ही प्रेरित करते हैं यानी उन्हें किसी अन्य व्यक्ति कठोर परिश्रमी व ऊंची उपलब्धि प्राप्त करने वाले होते हैं और वे स्वयं ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर पाने हेतु अपनी ही प्रेरणा का सहारा लेते हैं तथा तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते जाते हैं लेकिन इसके लिए कुछ खास गुणों का होना अत्यावश्यक होता है। आइए डालें इन गुणों पर एक नजर

जिम्मेदारी को समझे

स्वयं प्रेरित व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को भली-भांति पहचानते हैं। किसी भी काम को हाथ में लेने के पश्चात् वे उसे पूरा करने में जी-जान से जुट जाते हैं और उसे पूरा करके ही दम लेते हैं, इसलिए अगर आप भी स्वयं प्रेरित व्यक्तियों की श्रेणी में आना चाहते हैं तो अपनी दायित्व को समझ कर उसे निभाने की पूरी कोशिश करें। अपनी गलतियां के लिए कभी भी दूसरों को जिम्मेदार न ठहराएं और सच्चाई को नजरअंदाज करने का प्रयास न करें।

How to motivate yourself

सदैव सतर्क रहे

किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने हेतु सतर्क रहना आवश्यक है। कोई भी मुसीबत आने पर खामोश होकर न बैठें बल्कि चौकन्ने होकर उस मुसीबत से उबरने के लिए उसका हल खोजें। वर्तमान में जीना ठीक है परंतु अतीत व भविष्य को बिल्कुल नजरअंदाज करना सही नही है। अतीत में जो गलतियां आपने की हैं, उनके प्रति सतर्क रहें ताकि आपसे वे गलतियां वर्तमान में अथवा भविष्य में पुनः न होने पाए।

जाखिम उठाने में संकोच न करें

किसी भी कार्य की सफलता के लिए विपरीत परिस्थितियों का सामना करना ही पड़ता है। यह आवश्यक तो नही कि बिना किसी कठिनाई के आपको सफलता प्राप्त हो सके इसलिए यदि आप वास्तव में सफल होना चाहते है तो जोखिम उठाने में जरा भी संकोच न करें। न तो इतना आसान कार्य हाथ में लें कि जिसे बिना किसी कठिनाई के बड़ी आसानी से चुटकी बजाते किया जा सके क्योंकि अगर आपके मार्ग में कठिनाईयां अथवा बाधाएें ही नहीं आएंगी तो आप उनका सामना करते हेतु स्वयं को मजबूत नही बना पाएगे। हमारा कहने का तात्पर्य यह हरगिज नही है कि आप ऐसे आसान कार्यों को करें ही नहीं, लेकिन सदैव आसान कार्य करना विषम परिस्थितियों से दूर भागना ही है, इसलिए कभी भी कठिनाईयों से मुंह न मोडें,  बल्कि उन्हें चुनौती समझ कर स्वीकार करें। यह भी ध्यान रखें कि कार्य सदैव अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। इतना कठिन कार्य भी हाथ में न लें, जिसे करते वक्त आपको पछताना पडे़।

असफलता से घबराएं नहीं

किसी भी कार्य की सफलता या असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, इसलिए किसी भी कार्य में असफल हो जाने पर घबराएं नही और निराश न हों। यह सदैव याद रखें कि असफलता आपको और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है। कई लोगों को काम करते वक्त सफलता का ही भय सताता रहता है और इसी भय की वजह से वे काम में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से ही उन्हें असफलता हाथ लगती है।

असफल होने पर घबराने या निराश होने की नही बल्कि पुनः पूरे जोश से उस कार्य में जुट जाने की आवश्यकता होती है। अपनी गलतियों को सुधारने का प्रयास करें और पूरी मेहनत व लगन से कार्य करें तो एक दिन आप सफल व्यक्तियों की श्रेणी में अवश्य आएंगे। जो व्यक्ति स्वयं को प्रेरित करना सीख जाते हैं, वे कभी ऐसी बातों से घबराते नहीं।

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