जाती हुई सर्दी के मौसम में बच्चों की देखरेख कैसे करें

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सर्दी के हेल्थ टिप्स : सर्दियों के मौसम में अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए तैयार रहिये। इन टिप्स को अपनाकर आप जाती हुई सर्दी के मौसम में अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते है। क्योंकि जाती हुई सर्दी बच्चों और बड़ों को बहुत नुकसान पहुचाती है।

जब तापमान गिरता है, बच्चों को गर्म, सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए थोड़ी सतर्कता बरतनी पड़ती है। छोटे बच्चों को ठण्ड जल्दी लगती है और वह अपने छोटे आकार के कारण अपने शरीर की गर्मी जल्दी खोते है। अगर थर्मामीटर गिरता हैं, तो इन टिप्स को अपनाकर अपने बच्चों की रक्षा करे।

  • अपने बच्चे को कपड़ो की कई परत से ढकें। ध्यान दे कि उनका सर, गर्दन और हाथ ढकें हो। बड़े बच्चों के मुकाबले छोटे और युवा बच्चों को ज्यादा कपड़ों से ढकें।
  • स्कार्फ और हुड की डोरी छोटे बच्चों में उलझ सकती है इसलिए उनके लिए ऐसे कपड़ों का इस्तेमाल करे जो उनमें अड़े नहीं।
  • अगर बच्चे गीले हो जाये या फिर ठन्डे हो जाये तो उन्हें अंदर आने के लिए कहे। बच्चों को बार बार चेक करते रहे। बच्चे गीले या फिर ठन्डे होने के बाद भी खेलते रहते है।
  • सर्दियों में भी बड़े और बच्चों को धूप से जलन हो जाती है इसलिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करे।
  • अलार्म का इस्तेमाल करेः घरों में ज्यादातर आग सर्दियों में लगती है इसलिए ध्यान रखें की आपके घर में धुएं और कार्बन मोनोऑक्साइड के अलार्म हो।
    जब भी बच्चे स्नोबोर्डिंग, स्कीइंग, स्लाइडिंग या फिर बर्फ में हॉकी खेले तो उन्होंने हमेशा हेलमेट पहना हो।

  • तकनीक सिखाये। सर्दियों के खेल जैसे स्लाइडिंग सीखने में समय लगता है इसलिए ध्यान दे की आपका बच्चा ऐसी किसी खेल को खेलने के बारे में अच्छी तरह जानता हो।
  • नाक के खून से बचायें। अगर आपके बच्चे को सर्दियों में नाक से हल्का खून आता है तो कमरे को ठंडा करने के लिए हुमिडिफायर लगाए। नाक में डालने वाली ड्राप दवाई नाक को नरम रखती है।
  • सूखी सर्दियों में बच्चे अपनी सांस से ज्यादा पानी छोड़ते है इसलिए उन्हें समय समय पर पानी या फिर सूप देते रहे।

खतरे के लक्षण को पहचाने। शीत ठण्ड के लक्षण पीला पड़ना, ग्रे और उँगलियों, कान, नाक और पैरों पर छाले पड़ना है । अगर आपको लगता है की आपके बच्चे को शीत ठण्ड लग गयी है तो आप बच्चे को अंदर ले आये और प्रभावित हिस्से को गर्म पानी में डाले। ह्य्पोथेरमिआ के लक्षण है। कंपकपी, तुतलाना अगर आपके बच्चे में यह लक्षण हो रहे है तो डॉक्टर को तुरंत बुलाये।

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