अगर खरीदें गाड़ी तो रखें रंगों का ख्याल

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जीवन में वाहन खरीदना एक महत्वपूर्ण निर्णय होता है, वाहन शुभ रहेगा या अशुभ फल देगा या अभी वाहन लेने का शुभ समय है या नही. इन प्रश्नों के उत्तर के लिए जन्मकुंडली में चतुर्थ, नवम और एकादश भाव से विचार करते है. जन्मकुंडली में चतुर्थ भाव वाहन का कारक है, नवम भाव भाग्य स्थान  और यात्रा तथा एकादश भाव आय के साथ साथ आकांक्षाओं से सम्बन्ध रखता है. इनका अध्ययन करने पर यह जान पाते है कि व्यक्ति को वाहन खरीदना चाहिए, या नही, वाहन उसे शुभ रहेगा या नही,

यह निर्णय लेने के पश्चात प्रश्न उठता है कि वाहन कौन से रंग का लेना चाहिए. भारतीय ज्योतिष के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि किस व्यक्ति को कौन से रंग का वाहन खरीदना चाहिए. रंग अच्छा लगना एक अलग बात है, तथा शुभ हों दूसरी बात है. कोशिश यह होनी चाहिए की रंग शुभ हो.

मुख्य रंग सात प्रकार के होते है-

बैंगनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी, लाल

प्रत्येक रंग की अपनी अपनी विशेषता है. कितु वाहन में मुख्यतः सफ़ेद, लाल, नीला, हरा और काला रंग ही अधिकता उपलब्ध रहते है. आजकल इन्ही रंगों से मिलते जुलते रंग धात्विक नामों से मिलते है. किन्तु सुविधा के लिए इन्हें भी वास्तविक रंग की तरह ही मानेंगे.

सफ़ेद:- सफ़ेद रंग भारतीय ज्योतिष में चंद्रमा और शुक्र का प्रतिनिधित्व करता है. स्वभाव से यह शान्ति का प्रतीक है. यह सम भाव रखता है. सामान्यतः शुक्र ग्रह वाहन का कारक है. अतः सफ़ेद रंग के वाहन प्रत्येक व्याक्ति के लिए शुभ रहता है. किन्तु जिन व्यक्तियों का चन्द्रमा या शुक्र खराब स्थिति में हो, उन्हें सफ़ेद वाहन नहीं खरीदना चाहिए.

लाल:- लाल रंग ज्योतिष में सूर्य और मंगल का प्रतिनिधित्व करता है. स्वभाव से यह उग्र है. मंगल ग्रह वैसे भी दुर्घटना का कारक माना जाता है, सूर्य और मंगल अग्नि, विद्युत् आदि से सम्बन्ध रखते है. अतः लाल रंग के वाहन उन्हीं व्यक्तियों को खरीदने चाहिए, जिनकी जन्मकुंडली में मंगल और सूर्य योगकारक ग्रह हो तथा किसी अशुभ स्थिति में ना हो. अतः लाल रंग का वाहन अत्यधिक विचार के बाद ही खरीदना चाहिए.

पीला:- पीला रंग ज्योतिष में वृहस्पति से सम्बन्ध रखता है. स्वभाव से यह सम है, किन्तु कभी कभी इसे अग्नि से भी जोड़ कर देखते है. अतः यदि जन्मकुंडली में वृहस्पति योगकारक हो, तो पीला वाहन खरीदना चाहिए.

नीला:- नीला रंग ज्योतिष में शनि ग्रह से सम्बन्ध रखता है. और शनि लोहे का कारक माना जाता है. कहा जाता है कि यदि शनि शुभ हो तो मालामाल कर देता है और यदि शनि अशुभ हो तो कंगाल कर देता है. अतः नीले रंग का वाहन भी अत्यधिक सावधानी से खरीदना चाहिए. शनि यदि आपकी जन्मकुंडली में योगकारक हो तभी नीला वाहन खरीदें – अन्यथा बिलकुल भी ना लें.

हरा:- हरा रंग ज्योतिष में बुध ग्रह से सम्बन्ध रखता है. बुध ग्रह सम माना जाता है. रंगों में हरा रंग हरियाली – उन्नति और सहमति का प्रतीक है. अतः हरा रंग सामान्यतः हरा रंग खरीद लेना चाहिए. किन्तु यदि जन्मकुंडली में बुध ग्रह अत्यधिक अशुभ हो तो बिलकुल ही नही ख़रीदे.

काला:- ज्योतिष में काले रंग को शनि और राहू से भी देखा जाता है. अतः काले रंग के लिए शनि तथा राहू की स्थिति अपनी जन्मकुंडली के अनुसार देख कर और गहन विचार करने के बाद ही ख़रीदे..

यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली न हो तो ऐसे में क्या करें ? यह प्रश्न अक्सर सामने आता रहता है.

ऐसे में अंक शास्त्र का सहारा ले सकते है अपने मूलांक, या भाग्यांक के आधार पर व्यक्ति रंगों का चयन कर सकता है अंक अनुसार रंग निम्न है.

1:- लाल, 2:- सफ़ेद, 3:- पीला, 4:- स्लेटी, 5:- हरा, 6:- सफ़ेद, 7:- लाल, 8:- नीला, 9:- लाल, 

इस प्रकार अंक शास्त्र का प्रयोग करें.

अपने निकटतम किसी विद्वान ज्योतिषी की सलाह / परामर्श अनुसार ही अपने वाहन का रंग सुनिश्चित कर लाभ उठायें.

अनिल शर्मा 

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