भगवान श्रीकृष्ण क्यूँ रास रचाते हैं यमुना नदी के किनारे जहा राधा की मृत्यु हुई जाने पूरा सच

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कृष्ण की प्रेम कहानी दुनिया अनंत तक याद रखेगी। इनकी प्रेम लीला के बारे में कौन नहीं जानता है। भगवान श्री कृष्ण और राधा एक दूसरे को कितना ज्यादा प्रेम करते थे यह बात किसी से छुपी नहीं है। आज पूरी दुनिया कृष्ण और राधा की प्रेम की कहानी को जानती है। लेकिन बहुत ही कम लोग ही जानते हैं कि राधा की मृत्यु कैसे हुई थी आखिर।

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जब भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया की भलाई और कंस के वध के लिए मथुरा जाने लगे तो उन्होंने राधा को नंद बाबा के गांव में ही छोड़कर चले गए। जब भगवान श्री कृष्णा वृंदावन छोड़कर मथुरा जा रहे थे तो रास्ते में उन्हें राधा मिली। भगवान श्री कृष्ण ने राधा को अपनी मजबूरी बताई और राधा को फिर से मिलने का वचन दिया। जब भगवान श्री कृष्ण ने राधा से अलविदा लिया तब राधा भगवान श्री कृष्ण के वियोग में यमुना नदी के किनारे एक पेड़ के नीचे बैठकर श्री कृष्ण का इंतजार करती रही।लेकिन राधा ने उस पेड़ के नीचे भगवान श्री कृष्ण का इंतजार करते हुए इतने आंसू बहाए की यमुना नदी के किनारे दलदल बन गई। और इसी दलदल में डूबने की वजह से राधा की मृत्यु हो गई।

ये बात जब श्रीकृष्ण को पता चला कि राधा यमुना नदी के किनारे उनके इंतजार में आंसू बहाए जा रही है। तब कृष्ण ने राधा से मिलने के लिए वहां पर गए। लेकिन राधा उन्हें नहीं मिली। कुछ लोगों का मानना है कि आज भी श्री कृष्ण उस जगह राधा से मिलने के लिए आते हैं और रास रचाते हैं।

 

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