पेड़ों के बारें में कुछ रोचक जानकारियां

0 43

Interesting Facts of  tree in Hindi

1. एक पेड़ सालाना 2000 लीटर पानी धरती में से चूस लेते है.
2. एक पूरी तरह से ऊगे गुए पेड़ की कीमत लगभग 5000 तक होती है.
3. पेड़ अपनी 10 प्रतीशत खुराक मिट्टी से जबकि 90 प्रतिशत हवा से लेते है.
4. एक साधारण पेड़ प्रतिदिन पाँच पेड़ों के जितनी ऑक्सीजन की पूरती करता है.
5. एक पेड़ अपने पूरे जीवन काल के दौरान लगभग 1000 किलो कार्बनडाईआक्साइड सोखता है.
6. एक मरीज जो कि अस्पताल के कमरे से हरे-भरे पेड़ों को देखता है उसकी तबीयत में जन्दी-जल्दी सुधार होता है…
7. एक पूरी तरह से उगा हुआ वृक्ष एक नए लगाएँ गए पौधे से 70 गुना ज्यादा पर्यावरण (वातावरण) को साफ रखता है.
8. एक पेड़ एक साल में जितनी कार्बन सोखता है उतनी कार्बन एक कार 41,600 किलोमीटर चलने के बाद पैदा करती है.
9. दुनिया के 80 प्रतीशत जंगल काट दिए गए है. अंग्रेजों के आने से पहले उत्तर भारत भी ज्यादातर जंगलो से घिरा हुआ था.
10. विक्ष्व भर में पेड़ो की 20,000 प्रजातीया पाई जाती है. भारतमें सबसे ज्यादा प्रजातीयां पाई जाती है. अमरीका दूसरे स्थान पर है.
11. एक बड़े समाचार पत्र के रोजाना संस्करण 500 पेड़ों से बने होते है. हर एक किताब जो आप ने कभी पढ़ी थी किसी समय वह एक पेड़ थी.
12. अमेजन बेसिन सबसे बड़ा क्षेत्र है जो कि वनों के अधीन है. यह लगभग 3,30,075 वर्ग किलोमीटर है जो कि महाराष्ट्र (3,07,713) से थोड़ा ज्यादा है.
13. एक औसत अमरीकी नागरिक हर साल 250 किलो पेपर का उपयोग करता है और अमरीका के 95 प्रतीशत घर लकड़ी के बने है. मतलब कि अमरीका के 32 करोड़ नागरिक औसतन सालाना एक 100 फुट लंम्बे और 40 सैंटीमीटर के पेड़ का उपयोग अपनी कागज और घर की जरूरतों को करने के लिए करते है.
14. क्या आप जानते है कि पेड़ कभी भी बड़ी उम्र की वजह से नही मरते हैं. वह हमेशा बिमारी, कीड़ो या फिर मनुष्य की वजह से ही मरते है.अन्यथा यह कभी भी नही मरते. (कोलकता में एक वृक्ष है जिसकी आयु 2000 साल से ज्यादा है. अमृतसर के हरिमंदिर साहिब में भी एक पवित्र वृक्ष है जिसकी आयु भी 500 सौ वर्ष है.)
15. भारत के वैज्ञानिक श्री जगदीस चंदर वोस जी ने सबसे पहले एक ऐसा यंत्र बनाया था जो कि पेड़ों का बढ़ना माप सकता है. यह उपकरण उन्होंने मात्र 300 रूपए के साज-समान से बनाया था जिसे कि क्रैसकोग्राफ नाम दिया गया. इसके लिए उन्हें नोबेल पुरूषकार भी मिला था. वह एशिया के सर्वप्रथम वैज्ञानिक थे जिन्हें कि नोबेल पुरूषकार मिला था.

loading...

loading...

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.