भारत की सबसे पवित्र नदी गंगा नदी का इतिहास जहाँ धुल जाते है सारे पाप – ऐसी है गंगा की पवित्रता

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भारत की गंगा नदी के पानी में असाधारण शक्तियां हैं.अकबर ने इसे अमृत-जल बताया और हमेशा अपनी यात्राओं के दौरान गंगा जल उपयोग किया.ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के जहाज़ों पर इंग्लैंड वापसी की तीन महीने की यात्रा में केवल गंगा जल ही उपयोग किया जाता था

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क्योकि यह मीठा और ताज़ा बना रहता था गंगा नदी के पानी में सफाई की शक्तियां हैं हर दिन नदी मैं लाखों लोग नहाते हैं.इससे हैज़ा टाइफाइड और दूसरी पानी जनित बीमारियाँ नहीं फैलती.अंग्रेज वैज्ञानिको ने गंगा नदी के पानी पर खोज की शुरुआत 1896 में कर दी थीएर्नेस्त हंबुरी हंकीं नामक जीवाणु-शास्त्री ने अपनी जांच में कुछ नया पाया.उसके बाद वैज्ञानिकों ने गंगा जल में उन अद्वितीय जीवाणुओं को खोज निकला है.जो बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं और कीटाणुओं को मारते हैं

इसके अलावा दुनिया की किसी भी दूसरी नदी की तुलना में गंगा के पानी में 25 गुना अधिक ऑक्सीजन घुली हुई है.ऑक्सीजन नदी में कार्बनिक पदार्थ की सड़न को रोकने में मदद करती है.इसी कारण गंगा को इतना पवित्र माना जाता है

 

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