फॉल्कन यानी बाज

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फॉल्कन यानी बाज भारत सहित ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका, अफ्रीका आदि स्थानों में पाया जाता है। इसकी एक खास बात यह है कि इसकी आँखों की देखने की क्षमता ज़बर्दस्त होती है। सच तो यह है कि आदमी की अपेक्षा इसकी देखने की क्षमता 2.6 गुना अधिक होती है। इसके अलावा, इन्हें पक्षियों में सर्वश्रेष्ठ शिकारी का दर्जा प्राप्त हैं।

फॉल्कन चूहों, छोटी पक्षियों, सांप आदि को अपना शिकार बनाता है। बाज के मज़बूत नाखून ही उसे शिकार पर पकड़ बनाने में मदद करते हैं। इसकी सहायता से यह अपने शिकार को आसानी से चीड़-फाड़ लेता है। इसका पिछला नाखून सबसे मज़बूत होता है, जिसे किलर क्लॉ भी कहते हैं। फॉल्कन की चोंच में एक गुढ्ढेनुमा संरचना होती है, जिसकी मदद से ये शिकार की गर्दन को पकड़ कर उनकी सांस नली को ही बंद कर देते हैं।

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