पढ़ें : सिलेंडर की होती है एक्सपायरी डेट और दुर्घटना बीमा

0 37

ज्यादातर घरों में अब सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है। जितना यह सुबिधाजनक होता है उतना ही खतरनाक भी होता है। इसलिए सिलेंडर लेते समय इसकी जांच पड़ताल अवश्य कर लें। सिलेंडर की एक्सपायरी डेट पर भी गौर कर लें। हर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट होती है। एक्सपायर सिलेंडर जानलेवा हो सकता है।

तकरीबन पांच फीसदी सिलेंडर ए टेक्निकल जानकारी कम होने से ये रोटेट होते हैं। सामान्यतया एक्सपायरी डेट औसतन छह से आठ महीने एडवांस रखी जाती है।

सूत्रों के मुताबिक, एक्सपायरी डेट पेंट द्वारा प्रिंट की जाती है, इसलिए इसको बदला भी जा सकता है। कई बार जर्जर हालत में जंग लगे सिलेंडर पर भी एक्सपायरी डेट डेढ़-दो साल आगे की होती है। एजेंसी वाले तर्क देते हैं कि यहां से वहां लाते ले जाते वक्त उठा-पटक से कुछ सिलेंडर पुराने दिखते हैं।

कैसे जाने एक्सपायरी डेट
– सिलेंडर की पट्टी पर ए, बी, सी, डी में से एक लेटर के साथ नंबर होते हैं।

– गैस कंपनियां 12 महीनों को चार हिस्सों में बांटकर सिलेंडरों का ग्रुप बनाती हैं।

– ‘ए’ ग्रुप में जनवरी, फरवरी, मार्च और ‘बी’ ग्रुप में अप्रैल मई जून होते हैं। ऐसे ही ‘सी’ ग्रुप में जुलाई, अगस्त, सितंबर और ‘डी’ ग्रुप में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर होते हैं।

– सिलेंडरों पर इन ग्रुप लेटर के साथ लिखे नंबर एक्सपायरी या टेस्टिंग ईयर दर्शाते हैं, जैसे ‘सी-13’ का मतलब सिलेंडर की एक्सपायरी डेट सितम्बर, 2013 है।

– एक्सपायर्ड सिलेंडर मिलने पर एजेंसी को सूचना देकर सिलेंडर को तुरन्त रिप्लेस करा लें।

– गैस एजेंसी के रिप्लेसमेंट से मना करने पर खाद्य या प्रशासनिक अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं।

– इसे सेवा में कमी मानते हुए उपभोक्ता फोरम में मामला दायर कर सकते हैं।

सिलेंडर का होता है इन्श्योरेन्स
आरटीआई के मुताबिक गैस कनेक्शन लेते ही उपभोक्ता का 10 से 25 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा हो जाता है। इसके तहत गैस सिलेंडर से हादसा होने पर पीड़ित बीमा का क्लेम कर सकता है। साथ ही, सामूहिक दुर्घटना होने पर 50 लाख रुपए तक देने का प्रावधान है। इसके लिए दुर्घटना होने के 24 घंटे के भीतर संबंधित एजेंसी व लोकल थाने को सूचना देनी होगी और दुर्घटना में मृत्यु होने पर जरूरी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा।

Sab Kuch Gyan से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…

loading...

loading...

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.