17 साल के नाबालिग भाई ने किया अपनी ही बहन की गोली मार के हत्या, बहन के पेट में था 6 महीने का बच्चा

585

परिवार की मर्जी के बगैर राजपूत समाज में शादी करने की वजह से 21 वर्ष से बुलबुल को उसके 17 साल के भाई ने ही गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। 12:30 बजे उसका शव रावड़ा गांव पहुंचा। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के मुताबिक पता चला कि उसके गर्भ में पल रही बेटी 6 महीने की हो चुकी थी और उसके हाथ-पांव भी बन चुके थे। पोस्टमार्टम के दौरान उसके बेटी का शव बुलबुल के पेट से निकाल दिया गया था एवं चिता के ऊपर ही उस अजन्मी बच्ची को उसके माँ के शव के ऊपर रखा गया था।

17 साल के नाबालिग भाई ने किया अपनी ही बहन की गोली मार के हत्या, बहन के पेट में था 6 महीने का बच्चा

घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा फैला हुआ है कोई भी इस मामले पर बात करने को तैयार नहीं है। दोपहर 1:25 पर जब बुलबुल की शव यात्रा निकाली गई तो घर के बाहर केवल 10-15 रिश्तेदार मौजूद थे जबकि बुलबुल के मायके वालों में से कोई नहीं था। गाँव में भी कोई जाट परिवार नहीं था।

17 साल के नाबालिग भाई ने किया अपनी ही बहन की गोली मार के हत्या, बहन के पेट में था 6 महीने का बच्चा

loading...

यहाँ तक कि गाँव के राजपूत समाज और अन्य लोगों ने भी दूरियाँ बना लीं। केवल कुलदीप के रिश्तेदार और करीबी रिश्तेदार शामिल थे। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर घर पहुँचने पर केवल 15 मिनट तक रखा गया। इसके गांव के बाहर स्थित श्मशान ले जाया गया। जहां दोपहर 3.40 बजे, देवर ने बुलबुल के चिता को आग दिया।

17 साल के नाबालिग भाई ने किया अपनी ही बहन की गोली मार के हत्या, बहन के पेट में था 6 महीने का बच्चा

 चश्मदीद गवाह बुलबुल की सांस मंजू बाई का कहना है कि जिस वक्त आरोपी ने गोली मारी उस वक्त बुलबुल मुझसे ही बात कर रही थी और बोल रही थी कि बच्चा पेट में घूमने लगा है। हम सब काफी खुश थे और हमें लगा कि शायद बच्चे के इस दुनिया में आ जाने के बाद हम दोनों परिवारों के बीच की दुश्मनी खत्म हो जाएगी

17 साल के नाबालिग भाई ने किया अपनी ही बहन की गोली मार के हत्या, बहन के पेट में था 6 महीने का बच्चा

हालांकि बुलबुल ने जब से से मेरे बेटे के साथ विवाह किया था तब से हम गांव से बाहर चले गए थे और कुछ दिन पहले ही हम लोग वापस गांव आए थे। लेकिन हमें इस बात की जरा भी भनक नहीं थी कि बुलबुल के साथ ऐसा हो जाएगा।

सभी ख़बरें अपने मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.