क्यूँ सलमान की दबंग 3 लोगो को नही आई पसंद , यह है कुछ बड़ी वजह

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जिस चुलबुल पांडे ने सलमान को  शोहरत की ऊंचाइयों तक पहुचाया था वहां से गिरने का सलमान ने सोचा भी नहीं था। इस फिल्म को रिलीज करने समय क्रिसमस वाला चुना गया जिस दौरान फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन आम दिनों से ज्यादा रहते हैं, लेकिन दबंग 3 का बिजनेस उम्मीद से कम रहा। सलमान के फैंस को भी यह फिल्म पसंद नहीं आई, आखिर क्यों? आइये जानते हैं इन कारणों के बारे में।

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Why audience didn't like the Dabangg 3 ?

1) दोहराव का शिकार – Dabangg-3 को देखने के बाद ऐसा लगता ही नहीं कि कुछ नया देख रहे हैं। स्टोरी तो घिसी पिटी थी की साथ में फिल्म का प्रस्तुतीकरण भी वही पुराना था। वही चुलबुल की हरकतें कुछ पुराने डायलॉग, चश्मे वाले स्टाइल, मुन्नी नहीं तो मुन्ने वाला गाना, सलमान की वहीं अदाएं। आखिर दबंग और दबंग 2 में जो देख चुके हैं उसे फिर दबंग 3 में देखने का क्या फायदा ? टीवी पर सैकड़ों बार ये फिल्में आई है। जैसे पुराने माल को नए पैकेजिंग में बेचा था है ठीक उसी प्रकार कहानी के नाम पर तो कुछ भी परोस दिया गया। लिहाजा फिल्म को न वैसी ओपनिंग लगी और न ही वीक डेज में यह अच्छा कारोबार कर पाई।

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2) ऊब गए चुलबुल से – चुलबुल की चुलबुली हरकत भले ही पहले भाग में दर्शकों को खूब पसंद आई हो। दूसरे भाग में भी उसे जेल लिया गया हो, लेकिन अब चुलबुल उबाने लगा है। उसकी कहानी में लोगों की कोई रुचि नहीं है, पिछले 7 सालों में सिनेमा बहुत बदल गया है, लेकिन चुलबुल नहीं बदला। नए दर्शको को यह चुलबुल पसंद नहीं आया और दबंग सीरीज के फैंस को भी चुलबुल उबाऊ लगा।

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3) ले डूबी जल्दबाजी – फिल्मकार अब फिल्म की बजाय रिलीज डेट पर ज्यादा ध्यान देते हैं। पहले रिलीज डेट तय कर लेते हैं फिर ताबड़तोड़ फिल्म पूरी करते है। दबंग 3 देखने के बाद यही बात अच्छे से समझ आती है। क्रिसमस पर फिल्म को रिलीज करने की ऐसी हडबड़ी थी कि जल्दबाजी में काम पूरा किया गया। फिल्म में कई ऐसे दृश्य देख समझ आते हैं कि किसी भी तरह काम पूरा करना था या टालमटोल की गई है। न कहानी ढंग से सोची, न स्क्रिप्ट ठंग से लिखी गई। कलाकार भी हड़बड़ी में नजर आए और फिल्म पर उतनी मेहनत नही की। गई जितनी जरूरी थी। फिल्म का संगीत भी बेहद कमजोर था, न ठंग के गाने थे और न ही ठंग के पिक्चराइजेशन था।

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4) कमजोर पड़ा विलेन – दबंग सीरीज की कहानी सीधे हीरो और विलेन की टक्कर पर आधारित होती है। दबंग और दबंग 2 में सोनू सूद और प्रकाश राज को बतौर विलेन फिल्म में उभरने का अवसर दिया गया था। इस वजह से हीरो बनाम विलेन की टक्कर रोचक लगती थी। दबंग 3 में विलेन के रूप में सुदीप को लिया गया जो कि सशक्त कलाकार है। फिल्म में जितने भी उन्हें शीन मिले है उन्होंने अच्छे से किए है, लेकिन उनके किरदार को ठीक से उभरा नही गया। इसमे हीरो विलेन की टक्कर निराश करती है और फिल्म में मजा नही आया।

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5) प्रभुदेवा की कमजोर पकड़ – फिल्म का निर्देशन प्रभुदेवा ने किया है, लेकिन वे हर डिपार्टमेंट से ठीक से काम नही ले पाए। फिल्म को उन्होंने बहुत लंबा बना था, उनके प्रस्तुतिकरण में ताजगी का अभाव नजर आता है। वे अपनी टारगेट ऑडियंस को भी खुश नही कर पाए। निर्देशक फिल्म का कप्तान होता है और इस कारण उसकी जिम्मेदारी सबसे ज्यादा होती है, जिसका निर्वह प्रभुदेवा ठीक से नही कर पाए।

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