अमृत है जीरा – नाम एक काम अनेक

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आज हम आपको जीरे के फायदे के बारें में बता रहे है. यह नार्मल जल जीरा नहीं है बल्कि ये शुद्ध जीरे को उबाल कर बनाया है जाता है इसके अनेको फायदे है. इसे नियमित रूप से खाने से खून की कमी दूर हो जाती है. यह जल अनीमिया को दूर करता है , जो महिलाये सुस्ती महसूस करती है यह उनमें स्फूर्ति बनाये रखने में सहायक है , गर्भवती महिलाओं के लिए जीरा अमृत का काम करता है. बढ़ते बच्चों के  हेल्थ -टॉनिक का काम करता है , पचाने में सहायता करता है, वात -कफ -पित  को बैलेंस करता है. जीरा आयरन का सबसे अच्छा स्रोत है. तो है न ये कमाल का ड्रिंक.

  • जीरा, अजवाइन, सौंठ, कालीमिर्च, और काला नमक अंदाज से लेकर इसमें घी में भूनी हींग कम मात्रा में मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। पेट का दर्द ठीक हो जाता है।
  • जीरा, अजवाइन और काला नमक का चूर्ण बनाकर रोजाना एक चम्मच खाने से तेज भूख लगती है।
  • 3 ग्राम जीरा और 125 मि.ग्रा. फिटकरी पोटली में बांधकर गुलाब जल में भिगो दें। आंख में दर्द होने पर या लाल होने पर इस रस को टपकाने से आराम मिलता है।
  • दही में भुने जीरे का चूर्ण मिलाकर खाने से डायरिया में आराम मिलता है।
  • जीरे को नींबू के रस में भिगोकर नमक मिलाकर खाने से जी मिचलाना बंद हो जाता है।—यह अपच, अफारा, अतिसार में भी लाभप्रद होता है। एसिडिटी होने पर आधा चम्मच जीरे को कच्चा चबाकर खाने से लाभ मिलता है।
  • एंटीसेप्टिक गुणों के कारण जीरा जुकाम में भी कारगर सिध्द होता है। जीरा छाती में कफ के जमाव को रोकता है। इसके सेवन से कफ धीरे-धीरे सूख जाता है और राहत मिलती है। इसके लिये एक मुट्ठी जीरे को पानी में उबाल कर काढ़ा बना लें। दिन में चार पांच बार इसका सेवन करने से लाभ मिलता है।
  • जीरा में थोड़ा-सा सिरका डालकर खाने से हिचकी बंद हो जाती है।
  • जीरे को गुड़ में मिलाकर गोलियां बनाकर खाने से मलेरिया में लाभ होता है।
  • एक चुटकी कच्चा जीरा खाने से एसिडिटी में तुरंत राहत मिलती है।
  • डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए एक छोटा चम्मच पिसा जीरा दिन में दो बार पानी के साथ लेने से लाभ होता है।
  • कब्जियत की समस्या हो तो जीरा, काली मिर्च, सौंठ और करी पाउडर को बराबर मात्रा में लें और मिश्रण तैयार कर लें। इसमें स्वादानुसार नमक डालकर घी में मिलाएं और चावल के साथ खाएं।राहत मिलेगी।
  • पके हुए केले को मैश करके उसमें थोड़ा-सा जीरा मिलाकर रोजाना रात के खाने के बाद लें। अनिद्रा की समस्या दूर हो जाएगी।
  • इसमें एंटीसेप्टिक तत्व भी पाया जाता है। सीने में जमे हुए कफ को बाहर निकलने के लिए जीरे को पीसकर फांक लें। यह सर्दी-जुकाम से भी राहत दिलाता है।
  • हींग को उबाल लें। इस पानी में जीरा, पुदीना, नींबू और नमक मिलाकर पिलाने से हिस्टीरिया के रोगी को तत्काल लाभ होता है।
  • थायराइड (गले की गांठ) में एक कप पालक के रस के साथ एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
  • मेथी, अजवाइन, जीरा और सौंफ 50-50 ग्राम और स्वादानुसार काला नमक मिलाकर पीस लें। एक चम्मच रोज सुबह सेवन करें। इससे शुगर, जोड़ों के दर्द और पेट के विकारों से आराम मिलेगा।
  • प्रसूति के पश्चात जीरे के सेवन से गर्भाशय की सफाई हो जाती है।
  • खुजली की समस्या हो तो जीरे को पानी में उबालकर स्नान करें। राहत मिलेगी।
  • एक गिलास ताजी छाछ में सेंधा नमक और भुना हुआ जीरा मिलाकर भोजन के साथ लें। इससे अजीर्ण और अपच से छुटकारा मिलेगा।
  • आंवले की गुठली निकालकर पीसकर भून लें। फिर उसमें स्वादानुसार जीरा, अजवाइन, सेंधा नमक और थोड़ी-सी भुनी हुई हींग मिलाकर गोलियां बना लें। इन्हें खाने से भूख बढ़ती है। इतना ही नहीं, इससे डकार, चक्कर और दस्त में लाभ होता है।
  • जीरा उबाल लें और छानकर ठंडा करें। इस पानी से मुंह धोने से आपका चेहरा साफ और चमकदार होगा।
  • एक चम्मच जीरा भूनकर रोजाना चबाने से याददाश्त अच्छी रहती है।
  • जिनको अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या अन्य सांस संबंधी समस्या है, उन्हें जीरे का नियमित प्रयोग किसी भी रूप में करना चाहिए।
  • 50 ग्राम जीरे में 50 ग्राम मिश्री मिलाकर पीसकर पाउडर बना लें। इसे सुबह-शाम एक चम्मच सेवन करें। बवासीर में आराम मिलेगा।
  • एक टेबल स्पून जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें सुबह उबाल लें गरम गरम चाय की तरह पिये और जीरा भी चबा ले एक महीने मे ही वजन मे कमी आने लगती है और पेशाब भी खुल कर आता है तथा इससे संबन्धित समस्या नहीं होती है|
  • देशी घी मे एक टी स्पून जीरा भून कर केले के साथ खाने पर नींद अच्छी आती है ।
  • तवे पर एक टी स्पून जीरा रोस्ट कर लें और इसे चबा कर नित्य खाने से याददाश्त अच्छी रहती है ।
  • खाना खाने के बाद जीरा चबाने से खाना आसानी से पच जाता है।
  • मसूड़ों से रक्त आने की समस्या में भुना जीरा और सेंधा नमक लें इसे मिलाएं अब इससे मसूड़ों पर मालिश करें। इससे कुछ दिनों में मसूड़ों से रक्त आना बंद हो जाएगा।
  • दस्त होने पर भुना जीरा दही या लस्सी के साथ सेवन करें।
  • 1/2 टीस्पून जीरा 2 गिलास पानी में उबाल कर रुई के फोहे की मदद से चेहरे पर लगाएँ। इससे त्वचा मुलायम, होने के साथ-साथ झुर्रियों और मुहांसों से मुक्त हो जाती है।
  • पेट दर्द में 1 गिलास गुनगुने पानी में ½ नींबू का रस निचोड़े इसमें 1 टीस्पून जीरा पाउडर और नमक मिलाकर सेवन करें।
  • शुगर के रोगी ½ टीस्पून जीरा पाउडर सादे पानी के साथ दिन में 2 से 3 बार सेवन करें।

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