ये कहानी आपको एक कामयाब इंसान बना देगी !

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कहानी: एक गांव में एक किसान अपने पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। उस गांव में कोई कुआं नही था। इसलिए उसकी पत्नी व बच्चों को गांव से दूर नदी से पानी लाने जाना पड़ता था। एक बार किसान से सोचा क्यों ना अपने घर के बाहर एक कुआं खोदा जाए।

ताकि उसकी पत्नी व बच्चों को इतनी दूर पानी के लिए नहीं जाना पड़े। यह सोचकर किसान ने अपने घर के बाहर कुआं खोदना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक गड्ढा खोदने के बाद जब पानी नहीं निकला। तो उसने सोचा शायद यहां पानी नही निकलेगा।

फिर उसने वहां से थोड़ा हटकर दूसरी जगह गड्ढा खोदना शुरू किया। खोदते – खोदते उसने लगभग पांच -छह फुट गहरा गड्ढा खोद दिया। परंतु वहां से भी पानी नहीं निकला। फिर वह वहां से थोड़ा हटकर दूसरी जगह गड्ढे खोदने लगा। परंतु वहां से भी पानी नहीं निकला।

सी तरह उसने अलग अलग कई जगह गड्ढे खोद दिये मगर कहीं से भी पानी नहीं निकला। तब तक किसान बुरी तरह थक गया था और शाम भी हो गई थी। अब किसान मारे निराशा के वहीं पर बैठ कर रोने लगा। तभी उसी रास्ते से एक राहगीर निकला। उसने किसान को उन गड्ढों के पास रोते हुए देखा।

तो पास आकर बोला, क्या बात है। भाई तुम क्यों रहे हो? किसान ने उसे सारी बात बता दी राहगीर ने कहा। जितनी मेहनत और समय तुमने अलग अलग गड्ढे खोदने में लगाया है। उतना समय और मेहनत तुम एक ही जगह पर लगाते तो अब तक कुआं खुद गया होता और पानी भी निकल गया होता। बात अब किसान के समझ मे आ गई थी।

अब किसान ने एक ही जगह पर खोदना चालू किया और पूरा focus उसी एक जगह पर किया और तब तक करता रहा जब तक की पानी नहीं निकल आया और एक दिन उसकी मेहनत रंग लायी।

आशा है, कहानी का मर्म आपको समझ में आ ही गया होगा। इस कहानी से आपको क्या सीख मिली? कमेंट करके बताएं। अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी, तो इसे लाइक और शेयर करें।

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