‘कैंसर’ के लिए जिम्मेदार है ये फास्ट फूड, इसे न खाइये और न खाने दीजिये

293

भले ही लोग हेल्थ को लेकर कितनी भी सावधानी बरत लें मगर कम ही लोग ऐसे होते हैं जो फास्ट फूड को देखकर अपनी जुबान पर कंट्रोल रख पाते हैं। इसे देखते ही उनके मुंह में पानी आने लगता है और इसके सैंकड़ों नुकसान जानते हुए भी हम इसे खाते रहते हैं।

हालांकि आपने फास्ट फूड्स के कई तरह के नुकसान सुने होंगे जैसे ये हमारे दांतों को खराब करते हैं या फिर हमारे मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ते हैं या शरीर का फैट बढ़ाते हैं आदि-आदि। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि एक फास्ट फूड ऐसा भी है जिसे हम खाते तो बड़े चाव से है मगर यही आगे चलकर कैंसर की वजह भी बन सकता है।

जी हां। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर यह बनता कैसे है? इसके क्या नुकसान है? ताकि आप यह दूसरों को भी बताएं और तुरंत इसे खाना छोड़ दें।

वो फास्ट फूड है ये

हॉट डॉग एक ऐसा फास्ट फूड है जिसमें सूअर का मांस, चिकन, सोडियम नाइट्राइट, सोडियम एस्कोब्रेट, सोडियम फॉस्फेट, सोडियम लैक्टेट जैसी कुछ चीजें मौजूद होती हैं। हॉट डॉग खाने से होता है ये नुकसान

 

अमेरिकी इंस्टिट्यूट कैंसर के अनुसार कैंसर पर की गई रिसर्च में पाया गया कि पूरे दिन में एक हॉट-डॉग खाने से 18% तक पेट के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

दूसरे नुकसान भी जान लीजिये

अगर 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे एक महीने में 12 हॉट डॉग भी खाते हैं तो वे खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इन बीमारियों में से एक ल्यूकेमिया भी होती है।

मांस को किया जाता है बारीक

इसे बनाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले चिकन और सूअर के मांस को पाउडर की सहायता से मिलाकर मशीनों के जरिए टुकड़ों में काटा जाता है। उसमें चिकिन और सूअर के मांस के अलावा उनके हार्ट, किडनी और लीवर भी शामिल होते हैं।

इस तरह होती है शुरुआत

loading...

सबसे पहले मांस के टुकड़ों को एक बड़े बर्तन में इकट्ठा किया जाता है।

मीट को किया जाता है कम्प्रेस

इसके बाद मीट को मेटल ग्रेट से गुजारा जाता है, जिसके बाद मीट कम्प्रेस हो जाता है। फिर उसे सीज़निंग के लिए रखा जाता है।

इस तरह हो जाता है मीट

आगे की प्रोसेस से गुजरने के बाद मीट ब्लेंड होकर कुछ ऐसा नजर आने लगता है। फिर इसे मसाले मिलाने के लिए आगे बढ़ाया जाता है।

मसालों के साथ मिलाई जाती हैं ये चीजें

मीट में मसाले मिलाने के बाद उसमें पानी और कॉर्न सीरप मिलाए जाते हैं। इससे मीट का पेस्ट स्मूथ हो जाता है। इसके बाद इसे आगे सीजनिंग के लिए भेजा जाता है।

इस तरह होती है प्रोसेसिंग और सीजनिंग

मांस की प्रोसेसिंग में साल्टिंग, क्यूरिंग, फर्मेंटिंग और स्मोकिंग शामिल होती हैं। जिनके प्रोडक्ट के रूप में सिलेंड्रिकल हॉट डॉग बाहर आता है। इसकी सेल्यूलाइड कोट्स में पैकेजिंग की जाती है।

इस तरह हटाई जाती है कोटिंग

इन सिलेंड्रिकल हॉट डॉग्स की पीलर्स और वोइला के सहारे कोटिंग हटाई जाती है और इस तरह तैयार होकर हॉट डॉग मार्केट में आ जाता है।

हमें उम्मीद है इस पूरी प्रोसेस को देखने के बाद आप हॉट डॉग खाने से पहले एक बार जरूर सोचेंगे।

अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया तो इसे अपने करीबियों के साथ भी शेयर करें।

मेरे और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए, यहाँ क्लिक कर मुझे सब्सक्राइब करें।

सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :-

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन 1000 से भी ज्यादा रेलवे की सभी नौकरियों की सही जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें 
अपनी मन पसंद ख़बरे मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.