टिटनेस के इंजेक्शन के ये होते हैं साइडइफेक्ट्स, जानिए आज ही

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टिटनेस एक तरह का गंभीर रोग है। ये रोग क्लोस्ट्रीडियम टेटनि नामक बैक्टीरिया के द्वारा इन्फेक्शन हो जाने के कारण होता है, ये बैक्टीरिया दुनियाभर में पाया जाता है। टिटनेस होने पर मरीज के शरीर में मांसपेशियां पूरी तरह जकड़ जाती है। इसके होने पर रोगी का जबड़ा जाम हो जाता है और रोगी कोई भी चीज निगलने या पीने में समस्या महसूस करता है। आज हम आपको इस लेख में टिटनेस के इंजेक्शन के बारे में बताएंगे।

कैसे होता है टिटनेस का इन्फेक्शन

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जब एक बार टिटनेस का बैक्टीरिया शरीर में सक्रिय हो जाता है तो ये सूक्षमजीव एक तरह का जहर जिसे टेटानोस्पास्मिन कहा जाता है, का निर्माण करना शुरू कर देता है। यह जहर घाव के आस-पास की तंत्रिकाओं को प्रभावित करना शुरू कर देता है। टिटनेस का जहर रीढ़ की हड्डी के सिरे की कोशिकाओं तथा न्यूरोमस्कुलर जंकशनों तक भी फैल सकता है।

कभी-कभी टिटनेस इंजेक्शन के होते हैं ये नुक्सान

हमें तुरंत चोट लगने या घाव होने पर टिटनेस के इंजेक्शन लगाने की सलाह दी जाती है। बता दें कि इस इंजेक्शन के कुछ नुक्सान भी होते हैं। इसके कारण कभी-कभी दिमाग का बुखार, जोड़ों में दर्द, चक्कर आना और मांसपेशियों का दर्द आदि भी हो सकते हैं। इसके अलावा इंजेक्शन लगवाने वाले स्थान का लाल होना, सूजन आना, दर्द या खुजली आदि जैसी समस्या भी हो सकती है।

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