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सबसे बड़ी खबर, SBI को छोड़कर देश के सभी बैंक हो जाएंगे प्राइवेट, ये है सरकार का प्लान 

देश में निजीकरण को लेकर सरकार बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है । सरकार जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों का निजीकरण करने जा रही है, जिसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. इसके अलावा कई सरकारी कंपनियां हैं जिन्हें निजी हाथों में ट्रांसफर किया जा रहा है। अगले महीने से शुरू हो सकता है निजीकरण वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारी भी इसके खिलाफ लगातार हड़ताल पर हैं, लेकिन इस बीच देश के दो प्रमुख अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सरकार को भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण कर देना चाहिए.

देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध के बीच देश के दो प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण किया जाना चाहिए। नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर अरविंद पनगढ़िया और एनसीएईआर की महानिदेशक और आर्थिक मामलों पर प्रधानमंत्री की सलाहकार परिषद की सदस्य पूनम गुप्ता ने सरकार को यह बड़ी सलाह दी है. इंडिया पॉलिसी फोरम में पेश करते हुए पनगढ़िया और गुप्ता ने पॉलिसी पेपर में कहा है, ‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण सभी के हित में है। अधिकांश बैंकों के निजी क्षेत्र में जाने से भारतीय रिजर्व बैंक पर पूरी प्रक्रिया, नियमों और कानूनों को सुव्यवस्थित करने का दबाव बढ़ेगा, ताकि यह बेहतर परिणाम दे सके।

Ncaer.org की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नीति पत्र में कहा गया है कि सैद्धांतिक रूप से भारतीय स्टेट बैंक सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण किया जाना चाहिए। लेकिन भारत के आर्थिक और राजनीतिक ढांचे में कोई भी सरकार सरकारी बैंक नहीं रखना पसंद करेगी। इसे देखते हुए अब लक्ष्य एसबीआई को छोड़कर सभी बैंकों के निजीकरण का होना चाहिए। अगर कुछ साल बाद माहौल अनुकूल रहा तो एसबीआई का भी निजीकरण कर देना चाहिए। यानी अगर बैंक प्राइवेट हैं तो दोनों अर्थशास्त्री अपना पूरा साथ दे रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए वित्तीय वर्ष 2022 में आईडीबीआई बैंक के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की थी. इसके अलावा, NITI Aayog ने निजीकरण के लिए दो PSU बैंकों को भी शॉर्टलिस्ट किया है। लगातार विरोध के बावजूद सरकार ने निजीकरण पर अपना रुख साफ कर दिया है. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष में एक बीमा कंपनी की बिक्री की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक को निजीकरण के लिए संभावित उम्मीदवारों के रूप में चुना गया था। यानी इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया दो ऐसे बैंक हैं जिनका पहले निजीकरण किया जा सकता है।

By sabkuchgyan

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