प्राचीन समय का अचूक उपाय इसका सेवन करने से जल्दी नहीं आएगा बुढापा

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बुढापे में कमजोरी का आना समान्य बात है, बहुत ही कम लोग होते है जो बुढापे में कमजोरी का शिकार नही होते है. बुढापे में कमजोरी को दूर करने के लिए खान पान पर ध्यान देना बहुत आवश्यक होता है. आज भी बहुत सी ऐसी चीजें हो जो इंसान का बुढापे तक साथ देती है और शरीर में कमजोरी नही आने देती. जिनमे से एक है काला चावल। काले चावल को सफेद और ब्राउन चावलों से ज्यादा हेल्दी और लाभदायक होते है। काले चावल का सेवन करने से शरीर को पोषण मिलता है। इसमें पोटेशियम की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। जो शरीर को कमजोर होने से बचाती है.

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प्राचीन समय में काले चावल की खेती सिर्फ राजाओं के लिए होती थी।

क्योंकि यह शरीर में ताकत बढाने का एकमात्र उपाय है।

काले चावलों में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी और आयरन की मात्रा ज्यादा होती है। केवल इतना ही नहीं इस चावल में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा भी ज्यादा होती है, जो दुसरे चावल में नहीं पाई जाती है। महीने में 2 बार इसका सेवन करने 70 साल तक शरीर में कमजोरी नही आएगी। काले चावल शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायता करता है।

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वैसे तो चाय और कॉफी में भी एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा होती है।

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लेकिन काले चावल में इससे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है।

जिस कारण शरीर कमजोरी से दूर रहता है।

बुढापे तक शरीर में ताकत बनी रहती है।

इसके अलावा शिलाजीत शक्ति और ऊर्जा का दूसरा नाम है।

शिलाजीत का प्रकार का योन टॉनिक है जिसका उल्लेख कामासूत्रा में भी किया गया है यह दोनों लिंगो में योन इच्छा और क्षमता को बढ़ता है, यह बांझपन को दूर कर गर्भ धारण करने में सहायक है, यह पुरूषो के शुक्राणुओ के स्वस्थ बनता है और उनके स्टार को भी बढ़ाता है, पुराने समय में इसका उपयोग कमजोरी को दूर भगाने में किया जाता था यह बुढ़ापे के लक्षणों को दूर करता है जिससे आप जवान बने रहते हो और यह योन शक्ति को बड़ा कर आपके संभोग को आनंदित बना देता है।

दुनिया में आधे से ज्यादा लोग मधुमेह की बीमरी से जूझ रहे है।

शिलाजीत खून में शर्करा की मात्रा कम करके मधुमेह में सुधार लाता है जिसके कारन ऐसे मधुमेह विनाशक के नाम से भी जाना जाता है। शिलाजीत चूर्ण और तरल दोनों के रूप में मिलता है, वैसे तो आप शिलाजीत का उपयोग निर्देशानुसार ही करे अधिक मात्रा में इसका सेवन हानिकारक भी हो सकता है।

चूर्ण और तरल का उपयोग आप दिन में दो बार ले सकते है।

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