अण्णा भाऊ ने समाज कल्याण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया : भागवत

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मुंबई, 11 दिसंबर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को ‘सामाजिक न्याय योद्धा लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर डॉ. भागवत ने कहा कि जिस तरह भगवान शंकर ने जग के कल्याण के लिए विषपान किया वैसे ही अण्णा भाऊ साठे ने भी समाज के कल्याण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। (RSS Chief Dr Mohan Bhagwat)

डॉ. भागवत ने रवींद्र नाट्यमंदिर परिसर में साप्ताहिक विवेक की ओर से आयोजित विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज हित में विषपान करने की भगवान शंकर की परंपरा में एक नाम अण्णा भाऊ साठे का भी है। वंचितों की भलाई के लिए उनके मन में बहुत बेचैनी थी और उन्होंने समाज कल्याण के लिए अपने जीवन का उत्सर्ग कर दिया। अपने दुखों को छिपाकर समाज के कल्याण के लिए अण्णा भाऊ ने कड़ा परिश्रम किया। उनकी तरह का समाजवादी कार्यकर्ता विरले ही होता है। उनके विशाल व्यक्तित्व का परिचय मुझे आज मिला। प्रामाणिकता, शोषितों के प्रति करुणा, समाज कल्याण की इच्छा आदि गुण अण्णा भाऊ साठे के व्यक्तित्व में समाहित थे।

सरसंघचालक डॉ. भागवत ने कहा कि अण्णा भाऊ साठे के विचारों का एक प्रतिशत भी आज के नेताओं के आचरण में शामिल हो तो देश सौ प्रतिशत अधिक तेजी से प्रकाशमान हो जाएगा। वीर सावरकर और अण्णा भाऊ साठे के व्यक्तित्व में मुझे कोई अंतर नहीं दिखता है। दोनों ही महापुरुषों ने अपनी सारी प्रतिभा समाज हित में लगाई। सत्य, करुणा, शुचिता, तपस्या जैसे गुणों से भरे अण्णा भाऊ धार्मिक व्यक्ति थे। उनके लेखन में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का परिचय मिलता है।

इस अवसर पर अण्णा भाऊ के द्वारा उपयोग में लाई वस्तुओं का संग्रह करनेवाले कबीर दास, अध्ययनकर्ता संजय देशपांडे और डॉ मधुकर गायकवाड़ को साहित्यरत्न अण्णा भाऊ साठे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे पर लिखे पोवाड़ा गायन से आज के कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर विवेक के प्रबंध निदेशक रमेश पतंगे एवं सह सम्पादक रविंद्र गोले, हरिभक्त परायण बाबूराव वारे महाराज, उद्योगपति आनंद कांबले, सेवानिवृत्त अधिकारी तुकाराम साठे आदि उपस्थित थे।

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