खांसी होने पर ये बातें याद रखें

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आयुर्वेद
आयुर्वेद के अनुसार, जब कफ सूखकर फेफड़ों और श्वसन अंगों पर जम जाता है तो खांसी होती है। इसके लिए नीचे लिखे तरीकों में से कोई एक करें। इन दवाओं और नुस्खों को बीपी या दिल के मरीज भी अपना सकते हैं, पर डायबीटीज के मरीज सितोपलादि चूर्ण और कंठकारी अवलेह न लें क्योंकि उनमें मीठा होता है।

कई बार एसिडिटी की वजह से भी खांसी होती है क्योंकि पेट में बना एसिड ऊपर चढ़कर सांस की नली में चला जाता है। ऐसे में एसिडिटी का इलाज जरूरी है, न कि खांसी का।
कई बार दिल का बायां हिस्सा बढ़ जाए या फेफड़ों की नसों का प्रेशर ज्यादा हो तो भी खांसी होने लगती है। इसे दिल का अस्थमा भी कहते हैं।
खांसी दमा का लक्षण भी हो सकती है। हालांकि दमा होने पर खांसी के वक्त सीटी बजना जरूरी नहीं है।
सिर्फ खांसी होना स्वाइन फ्लू का लक्षण भी हो सकता है।
तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर टीबी की जांच करवा लेनी चाहिए। ऐसे में बलगम की तीन बार जांच करानी चाहिए।
दूसरों से दूर होकर खांसें। मुंह पर नैपकिन रख लें और खांसने के बाद उसे डस्टबिन में फेंक दें।
खाना खाते वक्त खांसी आए तो ध्यान से धीरे-धीरे खाएं, वरना खाने के टुकड़े सांस की नली में जा सकते हैं।
कुछ खाना फंस जाने से खांसी आने लगे तो पीड़ित की पीठ सहला दें। गुनगुना पानी पिला दें। आराम न मिले तो डॉक्टर को दिखाएं।
लेटते वक्त कोई भी खांसी बढ़ जाती है क्योंकि लेटने पर दिल पर प्रेशर बढ़ जाता है।

क्या ये सेफ हैं
खांसी की गोलियां मसलन विक्स, हॉल्स, स्ट्रेप्सिल्स आदि सेफ हैं। इनका कोई नुकसान नहीं है। इनसे आराम भी महसूस होता है। कफ सिरप भी लिए जा सकते हैं, पर कफ सिरप से शरीर और दिमाग में जरा सुस्ती आ जाती है।

सिरप या चूसने की गोलियां
सिरप
शुगर के मरीज हिमालय ड्रग्स कंपनी का डायकफ सिरप या प्रोस्पैन सिरप ले सकते हैं। ये दोनों शुगर फ्री हैं। आम लोग भी इन्हें ले सकते हैं।

मुल्तानी फामेर्सी वालों का कूका सिरप, कासामृत सिरप, अमृत रस सिरप, सोममधु सिरप या हिमालय ड्रग्स का सेप्टिलीन सिरप या महर्षि फार्मा का कासनी सिरप लें। इसके अलावा, एलोपैथी में एलेक्स, कफरिल, ब्रोंकोरेक्स व ब्रोंकोडिल सिरप हैं।

चूसने की गोलियां
लवंगादि वटी, कासमर्दन वटी, कंठसुधारक वटी, कर्पूरादि वटी या खादिरादि वटी की एक या दो गोली दिन में चार बार चूसें।

लौंग, मुलहठी, स्वालीन, हॉल्स, विक्स, हनीटस या अदरक कैंडी चूसें।

इनको आजमाएं
दूध में सौंठ डालकर पीएं।
सौंठ डालकर गरम पानी पीएं।
गुनगुना पानी पीएं।
मुलहठी चूसें।
शहद, किशमिश, मुनक्का लें।
शुगर वाले एक-दो अंजीर पीसकर या रात को भिगो कर लें।
धुएं व धूल से बचाव रखें।

नोट : किसी भी दवा सेवन डाक्टर की सलाह के बिना न करें …

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