यह क्या RBI ने बैंक को क़र्ज़ देने में लगायी रोक जाने पूरा सच

159

देश के बैंकिंग सेक्टर इस समय बड़ी समस्याओं से जूझ रहा है। बैंकिंग सेक्टर नॉन परफोर्मिंग एसेट (एनपीए) की बढती समस्याओं को देख RBI और केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बावजूद एनपीए बढ़ता ही जा रहा है। सरकारी बैंको की बैलेंस शीट गड़बड़ा रही है इसके बावजूद बैंक क़र्ज़ देने में कमी नहीं कर रहा है। अब आरबीआई ने बड़ा कदम उठाया है।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार RBI ने अब देना बैंक की तर्ज़ पर ऐसे अन्य बैंको के खिलाफ कड़ी कार्यवाई करने की तय्यारी में है। माना जा रहा है उच्च एनपीए वाले बैंको के खिलाफ प्रोम्ट कोर्रेक्टिव एक्शन पीसीए के तहत कार्यवाई की जा सकती है। अगर इसे किया गया तो बैंको के नया लोन देने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

Win Rs.400 Paytm Cash  go this link :  http://www.winpaytm.com/winpaytmcash400/

रिपोर्ट के अनुसार बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स, इलाहबाद बैंक और यूको बैंक ने हाल में ही जनवरी से मार्च तक आकड़े जारी किये थे जिसमे इन चारो बैंको का एनपीए स्तर बहुत ऊचा होने के साथ ही वित्तीय वर्ष 2017-18 में एसेट्स पर रिटर्न (आरओंए) भी निगेटिव पाया गया है। इन बैंको को पहले ही पीसीए में शामिल कर लिया गया है।

आपको बता दें कि पीसीए में किसी भी बैंक को शामिल करने से पहले कई तथ्यो पर विचार किया जाता है जिसमे देखा जाता है कि बैंक ने न्यूनतम कैपिटल इंडेक्सिव रेश्यो का उल्लघन तो नहीं किया और नेट एनपीए 6 फीसदी से ज्यादा तो नहीं। अगर आरओए का लगातार दो साल से नेगेटिव है तो बैंक को पीसीए में डाल दिया जाता है। इससे बैंक के लोन देने पर प्रतिबंध लग जाता है और बैंक की स्थिति सुधारने में मदद मिलती है।

Quiz: Test your brain and win Rs. 400 Paytm Cash 


विडियो जोन : भांग भी होती है फायदेमंद, 5 फायदे जानकर चौंक जायेंगे आप | Bhang ke benefits

Redmi MI 7 की ताज़ा ख़बरें मोबाइल में पाने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

दोस्तों आपकी इस बारे में क्या राय है हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

सभी ख़बरें अपने मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

गजब के सुन्दर Clock Wallpaper डाउनलोड करें अभी यहाँ क्लिक करें
loading...

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.