राशी, कुंडली के अनुसार से ही दान करें

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कहते है जहाँ दान है वहीँ पर धर्म है ………विश्व में ऐसा कोई भी धर्म नहीं है, जिसमें दान की महत्ता को नहीं बताया गया हो। न केवल हिन्दू वरन इस्लाम, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी आदि सभी धर्मो में दान की महत्ता का गुणगान किया गया हैं।

शास्त्रों के अनुसार दान करने वाले व्यक्ति, उसके परिजनो और उसके पितरों को अपने सभी दुखो से छुटकारा मिलकर अक्षय पुण्य, स्वर्ग के सुखो की प्राप्ति होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी समर्थ के अनुसार दान अवश्य ही करना चाहिए। लगातार दान देने वाले से ईश्वर सदैव प्रसन्न रहते हैं। ग्रहों को अनुकूल बनाता है दान। वराह पुराण के अनुसार सभी दानों में अन्न व जल का दान सर्वश्रेष्ठ है। हर सक्षम व्यक्ति को सूर्य संक्रांति, सूर्य व चंद्र ग्रहण, अधिक मास व कार्तिक शुक्ल द्वादशी को अन्न व जल का दान अवश्य करना चाहिए।

कहते है दान करने वाले व्यक्ति कि तिजोरी हमेशा भरी रहती है उस पर और उसके परिवार पर ईश्वर कि विशेष कृपा बनी रहती है। हमारे ऋषि, मुनियों के अनुसार जितना अधिक हम दूसरों को देते हैं, उससे बहुत अधिक हम इस प्रकृति से पाते हैं। ऋग्वेद के अनुसार दान नहीं देने वाले मनुष्य कभी भी सुखी नहीं हो सकते हैं। अथर्ववेद में लिखा है कि सैकडों हाथों से एकत्रित कीजिये और हजारों हाथों से बाँटिये। इसी तरह इस्लाम और ईसाई धर्म में भी हिस्सा खैरात और टेथर के रूप में अपनी आय का दसवाँ भाग जरुरत मंदो को नियमित रूप से दान देने की प्रथा है। बाइबल के अनुसार, लेने से अधिक देना मनुष्य के लिए सदैव कल्याणकारी होता है।

दान करने से त्याग करने की क्षमता भी बढ़ती है;और ‘सर्वं वस्तु भयान्वितं भुवि नृणाम वैराग्यं एवाभवम्’ अर्थात संसार में त्याग ही एकमात्र ऐसी वस्तु है,जो मनुष्यों को अभय प्रदान करती हैं। लेकिन हमें एक बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि दान सदैव सुपात्र को ही देना चाहिए।अनावश्यक रूप से दिखावे के रूप में लोगो कि मदद करना दान नहीं कहा जायेगा। एक बार का सदैव ध्यान रखें कि दान चुपचाप करना चाहिए, यदि आप दान का ढिंढोरा पीटते है तो वह व्यर्थ चला जाता है आपको उस का कोई भी पुण्य प्राप्त नहीं होता है। कहा भी गया है कि आपके बाएं हाथ को भी पता न चले कि आपके दायें हाथ ने क्या दान दिया है । आप धन,कपड़े आदि का दान तो कभी भी किसी भी जरूरतमंद को कर सकते है लेकिन अपनी राशि , कुंडली के अनुसार दान देने में आपको सदैव ही सावधानी रखनी चाहिए । अर्थात हमें हमेशा अपनी राशी, कुंडली के हिसाब से ही दान करना चाहिए ..जैसे — कभी भी जो ग्रह आपकी कुण्डली में उच्च का है या प्रबल है उसका दान नहीं देना चाहिए इसी तरह जो ग्रह आपकी कुण्डली में नीच के है या अस्त है उनका दान देने से आपको लाभ की प्राप्ति होगी ।

मेष और वृश्चिक राशी ( जिनका स्वामी मंगल है ) सिंह राशी ( जिनका स्वामी सूर्य है ) – वाले कभी भी पीली, लाल चीज का दान न करें .. जैसे चने, अरहर की दाल , लाल मसूर, हल्दी , गुड , इत्यादि ..ये लोग यदि काले उड़द , काले चने, चाय की पत्ती , काली मिर्च आदि का दान करें तो इनके लिए उत्तम हैं|

वृष राशी और तुला राशी वाले ( जिनका स्वामी शुक्र है ) अगर देसी घी का दीपक अपने घर में जलाते हैं तो उनकी गृहस्थी में तनाव, कटुता आ सकती है, घर में अनावश्यक कलह बनी रह सकती है और घर से माता लक्ष्मी भी रूठ सकती है, आपको आर्थिक दिक्कतों का सामना कर पड़ सकता है, इसलिए आपको सलाह है कि आप घी के दीपक के स्थान पर धूप, अगरबत्ती का प्रयोग करें ।आप घर में किसी विशेष पूजा, नवरात्र कि पूजा में घी का दीपक जला सकते है| आप लोग यदि गुड , चने की दाल , हल्दी इत्यादि का दान करें तो आपको सदैव लाभ कि प्राप्ति होगी।

कर्क राशी वालों ( जिनका स्वामी चंद्रमा है ) को दूध,चीनी,चावल आदि सफ़ेद चीजों का दान करने से बचना चाहिए। सफ़ेद चीजों के दान से आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। इस राशि के जातक कोई भी पीली ,काली दाल, गुड़ आदि का दान करें लाभ कि प्राप्ति होगी ।

कन्या राशी और मिथुन राशी वाले ( जिनका स्वामी बुध है ) इन्हे हरी वस्तुओं के दान से बचना चाहिए, यहाँ तक कि अगर आप गाय को हरा चारा डालें तो इनके व्यापार , रोजग़ार में संकट भी आ सकता है और इनके अपने पिता, चाचा, ताऊ आदि के साथ सम्बन्ध बिगड़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त सभी प्रकार के दान इनके लिए लाभदायक है ।

>मकर राशी और कुम्भ राशी वाले ( जिनका स्वामी शनिदेव है ) कभी काली चीज का दान न करें .. ये कभी भी काले माह { उड़द }, काले चने, काले कपड़े किसी गरीब को दान में न दे .. ये चने की दाल, गुड़, हल्दी आदि लंगर में या गरीब को दे सकते हैं ..

धनु राशी और मीन राशी वाले ( जिनका स्वामी ब्रहस्पति है ) अगर कोई भी पीली वस्तु जैसे चने / अरहर की दाल, बेसन,गुड़, पीले कपड़े दान करेंगे तो उनकी खुद की और उनकी माता की सेहत खराब हो सकती है …ये लोग काले माह { उड़द } , काले चने, चाय पत्ती , काली मिर्च का दान करें इन्हे उत्तम लाभ प्राप्त होगा ..

इसी तरह बारह की बारह राशी वालों को हमेशा दान अपनी कुंडली के अनुसार ही करना चाहिए |

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