प्याज – एक बेजोड़ औषधि

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प्याज हमारे खाने में एक अलग ही स्वाद तथा खुशबू जोड़ देता है. मुझे नहीं लगता कोई महिला अपने किचन में प्याज के बिना खाना बनाने का सोचती होगी. गुलाबी, सफ़ेद प्याज देखने में जितना मनभावन होता है, उतना ही खाने में लजीज भी. हर शाही खाने में इसे उपयोग किया जाता है. यह खाने की रंगत ,स्वाद, एवं पौष्टिकता को बढ़ाता है. लेकिन इसे काटते वक़्त आंखों से पानी आने लगता है, एसा लगता है मानो हम रो रहे हों. लेकिन चाहे कितने ही आँसू क्यूँ ना निकाल आए हमारी आँखों से इसे काटते वक़्त, परंतु फिर भी हम इसका उपयोग बंद नहीं करते या यूं कहें कि बंद कर ही नहीं सकते. रोते–रोते आँखों से आँसू निकालते, इसे काटते ही हैं, क्योंकि हमे पता है प्याज हमारे खाने को एक अलग ही रूप, स्वाद, खुशबू एवं सेहत देने वाला है. परंतु शायद कम ही लोग जानते हैं कि प्याज के इन्हीं छिलकों में स्वास्थ्य और स्वाद का खजाना छिपा हुआ है। दिखने में साधारण-सा प्याज एक बेहतरीन सब्जी भी है और औषधि भी।

प्याज का रोचक इतिहास

आजकल एसे तो प्याज हर देश, हर जगह के खाने की पहचान और जरूरत बन गया है और यह हर देश में पाया जाता है. लेकिन इसकी शुरुआत एवं उपयोग इजीप्ट से मानी जाती है. यहाँ प्याज को खाने के साथ साथ राजा महाराजा द्वारा देश की मुद्रा के लिए भी प्रयोग में लाया जाता था. राजा द्वारा अपने सेवक तथा कर्मचारी को उसके कार्य के लिए भेंट में प्याज दिये जाने की परंपरा थी. इसके बाद प्याज दुनिया भर में मशहूर हो गया एवं  अपनी जगह बनाते हुए इसने मध्यम युग में एशिया एवं यूरोप के देशों में प्रवेश किया. फिर तो इसे इतना उपयोग एवं पसंद किया जाने लगा, कि इसका हर खाने एवं व्यंजन मे इस्तेमाल होने लगा. यूरोप में तो इसे नाश्ते के रूप में भी अच्छा विकल्प माना जाने लगा.

फिर यूरोप के बाद प्याज ने अपना सफर तय करते हुए, वेस्ट इंडिस की ओर रूख किया. इसे यहाँ लाने का श्रेय महान यात्री तथा अमेरिका की खोज करने वाले क्रिस्टोफर कोलंबस को जाता है. वेस्ट इंडिस के बाद प्याज का उत्पादन पश्चिम देशों में बढ़ने लगा. आज चाइना, भारत, यूनाइटेड स्टेट्स, रशिया, और स्पेन प्याज के बड़े उत्पादक के रूप में उभर के आए हैं. यहाँ प्याज का उत्पादन एवं उपयोग दोनों ही अधिक मात्र में होने लगा है.

प्याज के घटक (Pyaj Ingridients):

प्याज में कई उपयोगी एवं स्वास्थवर्धक खनिज एवं विटामिन होते हैं. इसमें सल्फर के यौगिक, फ्लेवोनोइड्स तथा विटामिन बी, विटामिन सी, केल्शियम, ज़िंक, पॉटेशियम, तांबा, फाइबर, लोहा और कम केलोरी वाले वसा भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं. एक कप प्याज किसी भी रूप में (कच्चा या भुना हुआ) में लगभग 210 ग्राम में शरीर के लिए कई लाभ देने वाले पोशक तत्व होते हैं.

घटक % प्रति 100 ग्राम
बायोटीन 27
मेंगेनीस (Mn) 16
तांबा (Cu) 16
विटामिन बी 6 16
विटामिन सी 15
फाइबर 12
फास्फोरस (P) 11
पॉटेशियम (K) 10
विटामिन बी 1 08
फोलेट 08

प्याज को इस्तेमाल करने का सही तरीका :

  • प्याज में कई परतें होती हैं. उसे उपयोग करते समय हम उसके छीलके की कई परत निकालते जाते हैं. लेकिन प्याज की बाहरी परतों पर अधिक फ्लेवोनोइड्स होता है. इसलिए अगर प्याज के पोशक तत्वों का ज्यादा से ज्यादा फायदा लेना है, तो इसकी कम से कम परत छीलिये. क्यूंकी छोटी पतली परत निकालने से ही बहूत फ्लेवोनोइड्स नष्ट हो जाते हैं, तो सोचिए अगर आप ज्यादा मोटी परत निकालते हैं तो आप आँखों से आँसू के साथ साथ फ्लेवोनोइड्स भी निकाल देंगे.
  • कहते हैं अनाज, सब्जी, फल आदि को ज्यादा देर तक आंच पर नहीं पकाना चाहिए. क्योंकि ज्यादा पकाने से खाद्य पदार्थ में मौजूद पोशक तत्व नष्ट होने लगते हैं. लेकिन प्याज को जब भी सूप बनाने के लिए ज्यादा देर तक उबाला जाता है तो उसमें मौजूद क्यूसेर्टिन (quercetin) नष्ट होने के बजाय पानी में स्थानांतरित हो जाता है और बहूत ही पौष्टिक सूप तैयार हो जाता है. प्याज के पौशक तत्व सूप में सही मात्रा में आए इसके लिए जरूरी है कि सूप को मध्यम आंच पर पकाया जाये.
  • वैसे तो प्याज का इस्तेमाल किसी भी रूप में भी किया जाये फायदेमंद ही होता है, परंतु फिर भी इसे सलाद के रूप में खाने में शामिल करना अधिक लाभदायी होता है. इससे अधिक क्यूसेर्टिन (quercetin) हमारे शरीर में आता है, जो सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक होता है.

 

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  • रक्तचाप नियंत्रित करे :

प्याज में क्रोमियम (Cr) तत्व होते हैं, जो शरीर में रक्त में मौजूद शक्कर के स्तर को कम करता है, जिससे रक्तचाप नियंत्रित रहता है. इससे मधुमेह (डायबिटिस) होने का खतरा भी कम होने लगता है. उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रैशर) की शिकायत होने पर प्याज के सेवन की सलाह दी जाती है.

  • कोलेस्ट्रोल कम करने में सहायक:

आपने कई बार या यूं कहे की हर बार प्याज को सलाद के रूप में खाने के साथ खाया होगा. प्याज का नियमित सेवन शरीर में बढ़ने वाले कोलेस्ट्रॉल को रोकता है, और आपको चुस्त, और फुर्तीला बनाता है. इससे हृदयाघात की संभावना भी कम हो जाती है. लीजिये, प्याज खाने का स्वाद तो बढ़ाता ही है साथ ही साथ आपकी सेहत का ध्यान भी रखता है.

  • संक्रमण कम करे :

प्याज में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का गुण है. इससे शरीर किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए सक्षम बनाता है. ये संक्रमण को रोकने में भी सहायक होता है. प्याज प्राकृतिक रूप से एन्टीबायोओटिक, एन्टीसेप्टिक है जो आपको हमेशा ही संक्रमण से दूर रखता है.

  • प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए:

प्याज में मौजूद फायटोकेमिकल तथा विटामिन सी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. यह कई बीमारियों से लड़ कर हमारी रक्षा करता है.

  • कैंसर से बचाए :

प्याज का रोजाना सेवन कैंसर से बचने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. यह सभी प्रकार के कैंसर जैसे कोलोरेक्टल, और ओवरियन कैंसर से बचाता है. एक प्याज लगभग आधा कप का सेवन आवश्यक रूप से रोजाना करना चाहिए.

  • अलसर से बचाए :

प्याज में मौजूद फ्री रेडिकल्स पेट में होने वाली परेशानी तथा अलसर से बचाते हैं. प्याज का सेवन गेस्ट्रिक अलसर (पेट में होने वाले छाले) को खत्म करने में बहूत ही लाभदायक है.

  • पाचन शक्ति बढ़ाए :

प्याज के सेवन से शरीर में पाचक रस अधिक मात्रा में बनने लगता है, जो की पाचन में होने वाली गड़बड़ी को रोकता है. आहा ! प्याज का सेवन स्वाद तो बढ़ाता ही है, साथ ही साथ पाचन शक्ति बढ़ाने में भी सहायक होता है. इससे पेट संबधित रोग भी नष्ट होने लगते हैं.

  • आँखों को स्वस्थ रखे :

हरे प्याज विटामिन ए से भरपूर होते हैं, जो की आँखों की परेशानियों को दूर करने तथा शरीर में विटामिन ए की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने में हितकारी होता है.

  • त्वचा चमकाए :

अगर आप चमकदार, कांतिमय त्वचा चाहते हैं तो प्याज का सेवन एवं उपयोग शुरू कर दीजिये. प्याज में भरपूर मात्रा में एन्टीओक्सिडेंट्स, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई होते हैं जो की त्वचा के लिए लाभदायक होते हैं.

  • मासिक धर्म में होने वाली तकलीफ कम करे :

मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में होने वाली तकलीफ को कम करने के लिए भी प्याज का सेवन हितकारी है. मासिक धर्म के शुरुआती दिनों में प्याज का सेवन मासिक चक्र को नियमित कर उस दौरान होने वाली समस्याओं को कम करने में सहायक होता है.

  • याद्दाश्त बढ़ाए :

प्याज मे मौजूद फायटोकेमिकल्स  मस्तिष्क को मजबूत बनाता है. यह तंत्रिका तंत्र को नियंत्रित करता है तथा याद्दाश्त बढ़ाने में सहायक होता है.

प्याज के रस के फायदे 

प्याज का इस्तेमाल सभी रूपों में फायदेमंद ही होता है. प्याज को उसके रस के लिए भी कई जगहों पर इस्तेमाल किया जाता है. तो आइये देखते हैं प्याज के रस के कुछ लाभकारी फायदे.

  • आँखों की तकलीफ दूर करे : आँखों से पानी आना या आँखों की रोशनी कम होने पर प्याज के रस को दवाई के रूप में आँखों में डालने पर फायदा मिलता है. प्याज के रस को गुलाब जल के साथ मिला कर आँखों में कुछ बूंद डालने से भी आँखों की समस्या दूर होती है.
  • खूबसूरती बढ़ाए : प्याज के रस को हल्दी के साथ पेस्ट बना के लगाने से भी चेहरे के दाग मिटने लगते हैं और चेहरे की त्वचा चमकने लगती है, और आपकी खूबसूरती बढ़ने लगती है.
  • जलन से बचाए : अगर आपको चमड़ी पर जलने का निशान है तो प्याज का रस उस पर लगाये, कुछ ही दिनों में निशान जाने लगेंगे. किसी भी प्रकार जलने पर प्याज का रस तुरंत लगाने से जलन कम होती है.
  • बुखार का साथी : बुखार, सामान्य सर्दी, खाँसी, एलर्जी में प्याज का उपयोग तुरंत ही फायदा पहुंचाता है. प्याज के रस को शहद के साथ मिला कर सेवन करने से एलर्जी का प्रभाव कम होता है. अधिक बुखार आने पर प्याज के टुकड़े को सिर पर रखिए, यह ठंडक देता है, जिससे बुखार कम होने लगता है. अगर फिर भी बुखार कम नहीं हो रहा हो, तो प्याज के रस को सिर तथा हाथ पैर पर लगाने से भी फायदा मिलता है.
  • लू से बचाए : गर्मी के मौसम में गर्म हवा के कारण (लू लगने से ) हम बीमार पड़ जाते हैं. इस समय प्याज का रस अमृत के समान है. प्याज के रस को सिर, हाथ पैर पर लगाने से तथा इसे सूँघने से लू का असर कम होने लगता हैं. अगर आप कहीं धूप में जा रहे हैं तो अपने साथ एक प्याज अवश्य रखिए. यह आपको लू ( गर्म हवा ) से बचाएगा.
  • मधुमक्खी के डंक से बचाए : यह जानना बहूत ही दिलचस्प होगा की प्याज का रस आपको मधुमक्खी के डंक से बचाता है. अगर आपको कभी अचानक मधुमक्खी काट ले तो घबराइए नहीं. प्याज के रस को तुरंत ही उस जगह लगाये और देखिये थोड़ी ही देर में आप उस परेशानी से दूर हो जाएंगे.
  • बालों के लिए अत्यंत लाभकारी :प्याज के रस को बालों की जड़ में लगाने से बालों का टूटना एवं झड़ना कम होता है. यह बालों में होने वाली जूँ से भी बचाता है. हफ्ते में कम से कम दो बार प्याज के रस का प्रयोग बालों में करना चाहिए. यह बालों को स्वस्थ एवं मजबूर बनाता है.

प्याज में फ्लेवोनोइड्स तथा सल्फर के यौगिक का साथ प्याज को बहुत ही गुणकारी बनाता है और इसीलिए WHO (वर्ल्ड हैल्थ ओर्गनाइसेशन) एक शोध के आधार पर प्याज को नियमित रूप से हमारे खाने में शामिल करने की सलाह देता है.

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