डायबिटीज में जरूर आजमाएं ये कुदरती चीजें, फिर देखे इसके फायदे 

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इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन ने भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 2025 तक 40.9 मिलियन से 69.9 मिलियन होने की संभावना जताई है। डायबिटीज क बॉडी में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। बेतरतीब लाइफस्टाइल और अनहैल्दी खाने की आदतें इस बीमारी के लिए काफी हद तक ज‍िम्मेदार हैं । बीमारी को सही समय पर कंट्रोल नहीं क‍िया गया तो यह काफी मुश्क‍िलें पैदा कर सकती है। इसल‍िए इसे साइलेंट किलर माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, डायबिटीज का इलाज व्यक्ति के शरीर की प्रकृति पर निर्भर करता है।

आज के समय में हैल्दी लाइफस्टाइल के साथ सही डाइट और सही इलाज अपनाने की जरूरत है। आयुर्वेद में डायबिटीज से छुटकारा पाने के ल‍िए कुछ ऐसी कुदरती चीजों को भी मान्यता दी गई है जो हमारे आसपास ही मौजूद हैं। तो जान‍िए कौन-सी हैं वे कुदरती चीजें और उनसे कैसे म‍िलता है हमें स्वास्थ्य लाभ।

डायबिटीज के प्रमुख लक्षण हैं- लगातार पेशाब और प्यास लगना, थकान और भूख महसूस होना, घावों का देर से भरना, हाथ-पैर में दर्द और त्वचा पर गहरे रंग के पैच, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, वजन का बढ़ना-घटना। ज्यादा वक्त तक इस बीमारी की चपेट में रहने पर हृदय रोग, किडनी, आंखों और त्वचा की बीमारियां भी घेर लगती हैं।

जामुन.

.यह एक मौसमी फल हैं ज‍िसकी गुठल‍ियों का पाउडर इंसुलिन के जर‍िये ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है। इसके पाउडर को पानी के साथ ल‍िया जा सकता है। अगर आप ब्लड शुगर को कंट्रोल करना चाहते हैं तो इसका जरूर करें।

गुड़मार.

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.यह डायबिटीज के खतरे को कम करने में कारगर है। इसमें जिम्नेमिक एसिड पाया जाता है जो ब्लड में ग्लूकोज को एब्जॉर्ब करने में लगने वाले समय को बढ़ा देता है। यह कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बनाए रखने में भी मदद करता है। इसकी पत्तियों को सूखा चबा सकते हैं या सुखाकर पाउडर बनाकर सेवन कर सकते हैं।

​दारुहरिद्रा (भारतीय बरबेरी) –

.यह एंटी-डायबिटिक होने के साथ ही बढ़िया एंटीऑक्सिडेंट भी है। यह ग्लूकोजोजेनेसिस को कम कर ग्लूकोज होमोस्टेसिस को कंट्रोल करने में काफी असरदार है। इसका काढ़ा बनाकर शहद के साथ लिया जाता है।

करेला.

.आमतौर पर इसका इस्तेमालसब्जी के तौर पर किया जाता है। लेक‍िन इसका रस न‍िकालकर भी प‍िया जाता है। इसके औषधीय गुण ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी को रोकने का काम करते हैं। यह ग्लाइसेमिक को कंट्रोल करने में भी कारगर है।

मेथी.

.हाइड्रॉक्सिसिलुसीन एमिनो एसिड और फाइबर से भरपूर होने के कारण मेथी टाइप-2 डायबिटीज से जुड़े मेटाबॉलिज्म को सुधारने में मदद करती है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखती है। हालांक‍ि, इसे सीम‍ित मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है।

​ये बात भी ध्यान रखें.

.आयुर्वेद में डायबिटीज के साथ ही सेहत से जुड़ी हर समस्या का इलाज बताया गया है। बेहतर नतीजों के ल‍िए आयुर्वेदिक उपचार के साथ लाइफस्टाइल में भी बदलाव जरूरी है। इनमें हैल्दी डाइट, एक्सरसाइज, पर्याप्त आराम और नींद शामिल है, जो तेजी से ठीक होने में मदद करेगा और इम्यूनिटी को भी मजबूत करेगा…!

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