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कंजूस
एक कंजूस बाज़ार से गुजर रहा था। उसकी एक आँख खुली थी। और दूसरी बंद।
तभी उसका नया पड़ोसी उसके पास से गुजरा।
उसने कंजूस से पूछा कि महोदय आपकी एक आँख खुली और दूसरी बंद क्यों है?
तो कंजूस ने उत्तर दिया जब एक आँख से अच्छा दिखाई दे रहा है तो दूसरी आँख खोलने की क्या आवश्यकता है?

स्टेशन मास्टर
एक यात्री ने बड़े तेज़ स्वर में रेलवे स्टेशन मास्टर से शिकायत की,
‘चालीस मिनट ऊपर हो गए हैं, अभी तक गाड़ी नहीं पहुँची?
स्टेशन मास्टर ने कहा, ‘घबराएं नहीं,
यह टिकट चैबीस घंटे तक चल सकती है।

बिजली
विमल- अगर मान लो कल से सूरज न निकले तो क्या होगा?
कमल- होगा क्या?दिन में भी बिजली जलेगी और बिल दुगुना आएगा।

बगुला
सोनू- दादाजी। बगुला हमेशा एक ही टांग पर पानी में क्यों खड़ा रहता है?
दादाजी- अगर वह अपनी दोनों टांगे उठा लेगा तो पानी में डूब नहीं जाएगा क्या?

चौराहा
रामू- अरे! तुम तो कल पिछले चैक पर खड़े होकर भीख माँग रहे थे। आज यहाँ कैसे?
भिखारी- हाँ साहब, वह चौराहा तो मैंने अपनी बेटी को दहेज में दे दिया है।

टैक्सी का मीटर
एक कंजूस सेठ टैक्सी से कहीं जा रहा था।
अचानक ड्राइवर बोला- साहब, साहब…गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए हैं।
सेठ बोला- अरे यार पहले जल्दी से टैक्सी का मीटर बंद कर दो।

फुटबाॅल
सोनू- इतने खिलाड़ी फुटबाॅल को क्यों लात मार रहे हैं?
बंटी- गोल करने के लिए।
सोनू- बाॅल तो पहले से ही गोल है और कितना गोल करेंगे।

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