फोड़े-फुंसियों, बिच्छू का जहर को ठीक करता है कनेर का फूल जाने कैसे

1,291

कनेर जिसे कई लोग कनैल के नाम से भी जानते है, बता दे की इसका पौधा सम्पूर्ण भारत में करीब हर जगहों पर पाया जाता है। आपने अगर ध्यान दिया होगा। कनेर का पौधा भारत में हर स्थान पर पाया जाता है। इसका पौधा भारत के मंदिरों में, उद्यान में और घर में उपस्थित वाटिकाओं में लगायें जाते है। पीले कनेर के पौधे के पत्ते हरे चिकने चमकीले और छोटे होते है। लेकिन लाल कनेर और सफेद कनेर के पौधे के पत्ते रूखे होते है। कनेर का फूल पूरे भारत में पाया जाता है।

यह सजावट के लिए उपयोग किया जाने वाला पौधा है।

आमतौर पर उद्यान में और सड़कों के किनारे पर देखा जा सकता है।

सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :-

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन

loading...

1000 से भी ज्यादा रेलवे की सभी नौकरियों की सही जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें

Ayurvedic Tips in Hindi home-remedy-know-the-kaner-flower-health-benefits-in-hindi
कनेर के लाल फूलों को पीसकर लेप बना लें और यह लेप फोड़े-फुंसियों पर दिन में 2 से 3 बार लगाएं।

इससे फोड़े-फुंसियां जल्दी ठीक हो जाते हैं।

ठंडे पानी के साथ कनेर या ओलियंडर की जड़ को पीसकर फोड़े पर लगाए।

फोड़े हाथ लगाने से फूट सकते है इसलिए इसको सहजता से लगाना चाहिए।

यह फोड़े ठीक करके पाइल्स के इलाज़ में मदद करता है।

यदि आपको कोई विषैला जीव जैसे बिच्छू काट ले तो उस स्थिति में सफेद कनेर के फूल की जड़ को घिसकर डंक के स्थान पर लेप करने या इसके पत्तों का रस पिलाने से सांप या बिच्छू का जहर उतर जाता है।

अपनी मन पसंद ख़बरे मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.