जीरे से करें इन बिमारियों का अचूक देसी उपाय

Source: finedininglovers
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जीरा 3 तरह का होता है, पर ज्यादातर इस्तेमाल सफेद और काले जीरे का होता है। तीसरी तरह का जीरा कार्वी जीरा होता है। जीरे का इस्तेमाल मसाले के रूप में किया जाता है। सफेद जीरे का इस्तेमाल मसाले के रूप में किया जाता है। सफेद जीरे में उड़नशील तेल, खनिज पदार्थ और विटामिन होते हैं।

[dropcap bgcolor=”#dd9933″ style=”dropcap3″]1 [/dropcap] यह गर्भाशय की सूजन, बुखार और कमजोरी दूर करता है।

[dropcap bgcolor=”#dd9933″ style=”dropcap3″]2 [/dropcap] काले जीरे के काढ़े से कुल्ला करने से दांत का दर्द दूर होता है।

[dropcap bgcolor=”#dd9933″ style=”dropcap3″]3 [/dropcap] काले या सफेद जीरे का धुआं सूंघने से सर्दी-जुकाम में फायदा होता है।

[dropcap bgcolor=”#dd9933″ style=”dropcap3″]4 [/dropcap] मलेरिया के बुखार में करेले के 10 ग्राम रस में जीरे का चूर्ण 5 ग्राम मिलाकर दिन में 3 बार पिलाने से लाभ होता है।

[dropcap bgcolor=”#dd9933″ style=”dropcap3″]5 [/dropcap] इसके 4 ग्राम चूर्ण को गुड़ में मिलाकर खाने के एक घंटा पहले खाने से बुखार कम होता है।

[dropcap bgcolor=”#dd9933″ style=”dropcap3″]6 [/dropcap] रातभर पानी में भिगोए जीरे का पानी सुबह पीने से बीमार व्यक्ति की कमजोरी दूर होती है।

[dropcap bgcolor=”#dd9933″ style=”dropcap3″]7 [/dropcap] आयरन की कमी होने पर रोज सुबह 1 चममच जीरा खाली पेट लेने पर हीमोग्लोबिन बढ़ता है।

[dropcap bgcolor=”#dd9933″ style=”dropcap3″]8 [/dropcap] आधा छोटा चम्मच पिसा जीरा दिन में 2 बार पानी के साथ लेने से ब्लड़ शुगर कंट्रोल होती है।

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