निमोनिया से बचने के घरेलु नुस्खे

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अगर निमोनिया हो जाये तो बीमार सदस्य की हालत ख़राब हो जाती है, शरीर बुरी तरह टूट जाता है,  कमजोरी आ जाती है, निमोनिया होने पर बच्चों के फेफड़े के ऊतकों पर असर पड़ता है। इसका कारण आमतौर पर बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। वायरस से संक्रमण बहुत कम होता है। निमोनिया का संक्रमण हवा से भी हो सकता है।  जो हमारे स्वस्थ्य जीवन के लिए ठीक नहीं है इसलिए हम बता रहे है ,  निमोनिया पर काबू पाने के कुछ घरेलू नुस्खे।

बैक्टीरियल निमोनिया के लक्षण –

  • बहुत ज्यादा थकावट होना उअ कमजोरी महसूस होना।
  • बलगम के साथ खांसी। बलगम का रंग, जंग खाए या हरे रंग का हो सकता है और साथ ही कभी-कभी उसमे खून भी आ सकता है।
  • बुखार।
  • कंपकपी या दांत किटकिटाना।
  • बहुत तेजी से साँस लेना या साँस लेने में तकलीफ होना।
  • सीने में दर्द, बलगम बाहर निकालते समय या साँस लेते समय यह तकलीफ बढ़ जाना।
  • दिल की धड़कन बढ़ जाना।
  • मतली और उल्टी।
  • दस्त।

नॉनबैक्टीरियल निमोनिया

ऐसा निमोनिया जो बैक्टीरिया के कारण नहीं होता। इसमें लक्षण धीरे-धीरे नज़र आते हैं और लक्षण बैक्टीरियल निमोनिया की तरह बदत्तर भी नहीं होते। कई लोगो को तो यह पता भी नहीं चलता है कि उन्हें नॉनबैक्टीरियल निमोनिया हुआ है।

नॉनबैक्टीरियल निमोनिया –

  • बुखार।
  • खाँसी।
  • साँस की तकलीफ।
  • खाँसने पर बलगम आना।

घरेलु नुस्खे

लहसुन
लहसुन को नियमित अपने खाने में शामिल करें क्‍योंकि यह प्राकृतिक एंटीबायटिक के रूप में जाना जाता है। यह शरीर में रोगाणुओं को खतम करता है।
हल्‍दी
हल्‍दी को खाने में जरुर डालें क्‍योंकि निमोनिया को जल्‍द खतम करने में सहायक होती है।
अदरक
लहसुन की ही तरह अदरक भी सांस से संबन्‍धित समस्‍या को दूर करती है। इसे चाय में डाल कर सुबह पियें।
तुलसी
यह एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसे डॉक्‍टर भी लेने को बोलते हैं। यह खराब बैक्‍टीरिया को शरीर से बाहर निकालती है। इसे दिन में 6 बार लेना चाहिये।
विटामिन सी
विटामिन सी से युक्‍त बहुत सारे फल मिल जाएंगे, इन्‍हें अपनी डाइट में शामिल करें। बिटामिस सी का स्रोत अमरूद भी होता है।
पानी
इस रोग में बहुत सारा पानी पीना चाहिये। इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा।
 गाजर
यह केवल आंखों के लिये ही नहीं बल्‍कि फेफड़ों के लिये भी अच्‍छा होता है। निमोनिया होने पर गाजर का जूस जरूर पीना चाहिये क्‍योंकि इसमें बहुत सारा विटामिन ए होता है।
मिर्च
एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि मिर्च में इंफेक्‍शन से लड़ने की बहुत ताकत होती है। इसलिये इसे निमोनिया होने पर जरुर खाएं।
तिल
निमोनिया के खतरनाक बैक्‍‍टीरिया से तिल के बीज छुटकारा दिलाते हैं।
शहद
चीनी की बजाए इस बीमारी में शहद खाना चाहिये। क्‍योंकि इसमें एंटीबैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो कि खराब बैक्‍टीरिया से शरीर को बचाने में मदद करते हैं।
मेथी दाना
इसमें बहुत सारी शक्‍ति होती है। इस बीमारी के दौरान आपको मेथी अवश्‍य खाना चाहिये।
काली चाय
जिन्‍हें निमोनिया हो उन्‍हें दूध के बने उत्‍पादों से दूरी बना कर रखनी चाहिये। इस दौरान काली चाय का सेवन करना चाहिये।
चुकंदर
चुकंदर में बहुत सारी उर्जा होती है और यह शरीर के अंदर का इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूती प्रदान करता है। इस बीमारी में आपको इसका सेवन जरुर करना चाहिये।
न खाएं पशु प्रोटीन
अगर आप नॉन वेज खाने के शौकीन हैं तो, सी फूड खाइये ना कि पशु का मांस। मछली जैसे, ट्यूना और साल्‍मन आदि मछलियों में बहुत सारा ओमेगा फैटी एसिड होता है जो कि बीमार शरीर की आवश्‍यकता है।

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