लीची फल के फायदे

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लीची का फल पतले लेकिन सख्त छिलके से ढका होता है। अन्दर सफेद गूदेदार रसीला फल होता है। फल के अन्दर भूरे रंग की गुठली होती है। इसके गूदे का जूसर से रस निकाला जाता है। लीची के अन्दर खनिज-लवण पूरी मात्रा में होते हैं। गर्मियों में जब शरीर में पानी व खनिज लवणों की कमी हो जाती है। तब लीची का रस बहुत फायदेमंद रहता है। इसे खाने से हृदय, दिल, दिमाग, लीवर  मजबूत होता है।

विभिन्न रोगों में लीची का प्रयोग :

1. यकृत रोग: लीची जल्दी पच जाता है। यह पाचन क्रिया को मजबूत बनाने वाली तथा यकृत रोगों में लाभकारी है।

2. प्यास: लीची गर्मियों के तपन व प्यास को शान्त करती है।

3. पित्त बढ़ना: लीची खाने से पित्त की अधिकता कम होती है।

4. कब्ज: लीची का नियमित सेवन करने से कब्ज दूर होती है।

5. बवासीर: बवासीर के रोगियों के लिए लीची का सेवन करना लाभकारी होता है।

6. हृदय की दुर्बलता: लीची का सेवन करने से हृदय की तेज धड़कन में लाभ होता है। गर्मी के मौसम में आधा कप लीची का रस रोज पीने से हृदय को काफी बल मिलता है।

7. याददास्त कमजोर होना: लीची, नारियल और पिस्ता खाने से दिमाग की कमजोरी दूर हो जाती है।

8. गले के रोग: लीची के फल को खाने से गले की जलन समाप्त होती है।

9. बच्चों के विकास में सहायक: लीची में पाए जाने वाले कैल्शियम, फॉसफोरस और मैग्नीशियम तत्व बच्चों के शारीरिक गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये मिनरल्स अस्थि घनत्व को बनाए रखते हैं। ये ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करते हैं। लीची के छिलके वाली चाय सर्दी-जुकाम, दस्त, वायरल और गले के इंफेक्शन के इलाज में मददगार है।

10. त्वचा के निखार के लिए: लीची में सूरज की अल्ट्रावॉयलेट यूवी किरणों से त्वचा और शरीर का बचाव करने की खासियत होती है। इसके नियमित सेवन से ऑयली स्किन को पोषण मिलता है। साथ ही मुंहासों के विकास को कम करने में मदद मिलती है। चेहरे पर पड़ने वाले दाग-धब्बों में कमी आ जाती है।

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