मिलता है एक घातक परिणाम अगर आप इंसान का मूड बदलते हो तो 

954

बहुत से लोगों की दुनिया उनके मूड के हिसाब से चलती है। मूडी लोगों की दुनिया में कोई कमी नहीं है। मूड या मन हुआ तो काम किया या फिर नहीं किया।

Get a fatal result if you change the human mood

दिल्ली पुलिस नौकरियां 2019: 649 हेड कांस्टेबल पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन करें

AIIMS भोपाल में निकली नॉन फैकेल्टी ग्रुप A के लिए भर्तियाँ – अभी देखें 

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन

ईस्ट कोस्ट रेलवे में बम्पर भर्ती 2019 : 10वीं, 12वीं और ITI वाले आवेदन करने में देर ना करें -अभी यहाँ देखें 

यह कुछ ऐसे विचित्र कारण हैं जो कि इंसान के मस्तिष्क में खुद पैदा होते हैं। सही मायनों में अगर इनको समझा जाए तो यह एक बीमारी है जिसको कि बाइपोलर-डिसऑर्डर बोला जाता है। इस बीमारी के चलते इंसान का मस्तिष्क उसके दिल की या जरूरत की मानने से इंकार कर देता है। इंसान या तो एकांकी हो जाता है अथवा डिप्रेशन में जाकर अकेलेपन में अपने को संतुष्ट महसूस करने लगता है।

loading...

बच्चे स्कूल या पढ़ाई से जी चुराने लगते हैं तो कामकाजी अपने कार्यालय या व्यापार से विमुख होने लगते है। इंसान सामाजिक जीवन से भी खुद को अलग-थलग कर लेता है।

Get a fatal result if you change the human mood

इस बीमारी में इस स्थिति को एक नाम चिकित्सकों के द्वारा जो दिया गया है उसको मेनिया कहा जाता है। मेनिया हांलाकि एक बहुत ही दुर्लभ किस्म की बीमारी मानी जाती है जो कि लाखों में से कुछ लोगों को ही होती है लेकिन मस्तिष्क का यह विकार सही मायने में एक बेहद घातक परिस्थितियों को जन्म देता है।

बाइपोलर-डिसऑर्डर बीमारी के लक्षणों को तीन प्रकार से समझा जा सकता है।

उन्माद की स्थिति अथवा बेहद भावुकता की स्थिति या अवसाद की स्थिति इस बीमारी के लक्षणों को परिलक्षित करती है।

दूसरी तरह के लक्षणों को हाइपोमेनिया नाम दिया जाता है जिसमें बच्चे स्कूल, पढ़ाई अथवा दोस्तों से दूर भागने लगते हैं। लोग अपने कार्यालयों को जाने से कतराने लगते हैं। सामाजिकता उनके जीवन से जाने लगती हे और लोगों से मिलना व किसी से बात तक करने से वो कतराने लगते हैं।

Get a fatal result if you change the human mood

जिन्दगी का उत्साह उनके जीवन से जाता रहता है। कोई भी खुशी या बहुत बड़ा दुख भी उन पर प्रभाव नहीं डाल पाता है। अवसाद या डिप्रेशन की यह तीसरी स्थिति बाइपोलर-डिसऑर्डर की सबसे खतरनाक स्थिति होती है।

अगर आपको अपने करीबियों या परिवार के लोगों अथवा खुद में इस प्रकार के परिवर्तन अथवा लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सीय परामर्श जरूर लें क्योंकि इस घातक बीमारी से जिन्दगी भूचाल बन जाती है और आप खुद नहीं जानते हैं कि इससे कैसे निपटा जाए।

अपनी मन पसंद ख़बरे मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Comments are closed.