क्या आप जानते हैं, गर्भ में पल रहा बच्चा पेट में लात क्यों मारता है? अभी क्लिक करके देखें

333

आप सभी जानते हैं गर्भावस्था में बच्चे अक्सर लात मारते हैं। लेकिन क्या आपको पता है बच्चा ऐसा क्यों करता है? अगर नहीं जानते हो तो आइए आज हम आपको इसके पीछे की सच्चाई से रूबरू करते हैं।

Do you know why a baby in the womb kicks in the stomach Click now try

बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत :

लात मारना नवज़ात शिशु के अच्छे विकास का संकेत होता है। इसका मतलब यह होता है कि आपका बच्चा बहुत सक्रिय है।आपको बच्चे की लात मारना तब महसूस होता है जब वह गर्भ में हिचकी लेता है या हिलता-डुलता है। जब बच्चा अपने अंगों को गर्भावस्था के शुरूआती सप्ताह के दौरान फ़ैलाता है, तो आपको परेशानी महसूस हो सकती है।

loading...

36वे हफ्ते के बाद कम लात मारना :

एक समय ऐसा आता है जब बच्चा गर्भ में 40-50 मिनट तक आराम करता है। प्रेगनेंसी के 36वे हफ़्ते के बाद आपके बच्चे का आकार बढ़ जाता है जिसकी वजह से वह ज्यादा हिल नही पाता है इस दौरान आप अपनी पसलियों के नीचे एक या दोनों तरफ़ दोनों पक्षों के पास लात महसूस करेंगी।

नए वातावरण में बदलाव होने पर :

जब बच्चा बाहर के परिवर्तन को महसूस कर रहा होता है तो ऐसे में वह तुरंत अपनी प्रतिक्रिया को किक मार कर दिखाता है। बाहर से कुछ शोर या माँ के कुछ खाने की आवाज़ सुनकर बच्चा अपने अंगों को फैलाता है। लात मारना उनके सामान्य विकास का संकेत भी होता है।

कम लात मारना परेशान होने का संकेत :

28 हफ़्ते के बाद डॉक्टर आपको बच्चा कितनी बार लात मारता है, उसे गिनने को कहते हैं। अगर बच्चा लात नहीं मार रहा है या कम मार रहा है तो यह उसके पास ऑक्सीजन सप्लाई ना होने के कारण भी हो सकता है बच्चे का हिलना और लात कम मारने का कारण शुगर लेवल का कम होना भी हो सकता है। अगर खाने के बाद भी आपका बच्चा लात नही मार रहा है तो एक गिलास पानी पीकर देखें।

सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :-

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन 1000 से भी ज्यादा रेलवे की सभी नौकरियों की सही जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें 
अपनी मन पसंद ख़बरे मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.