कर लो ये सात उपाय शुगर(डायबिटीज) जड़ से ख़त्म हो जाएगी

288

आपको बता दें आजकल की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हम अपनी शरीर की जरूरतों को नजरंदाज कर देते है जो हमारे शरीर के लिए अच्छा नहीं है आजकल के खानपान और तेजी से बदलती जीवनशैली,तनाव ,डिप्रेशन या चिंता और अंसयमित डाइट से लोगों के बढ़ते मोटापे ने अनेक बीमारियों को जन्म दिया है और उन्हीं में से एक गंभीर बीमारी शुगर(डायबिटीज) है चलो जानते है हम अपने शुगर लेबल को कैसे सामान्य कर सकते है

१.मधुमेह(डायबिटीज) के नए या पुराने रोगी को मीठे तथा शुगर वाले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए इस रोग में धीरे-धीरे चलना तथा प्रातःकालीन सैर जरूर करनी चाहिए

loading...

२. जामुन की गुठली ५ तोला,सोंठ ५ तोला, गुड़मार बूटी १० तोला, इन सबको कूट-पीसकर ग्वारपाठे के रस में घोलकर ४-४ रत्ती की गोलियां बना लें इन्हें दिन में तीन बार पानी के साथ सेवन करते रहने से मधुमेह का रोग शीघ्र दूर हो जाता है३.जामुन के चार हरे और नर्म पत्ते खूब बारीक़ पीसकर ६० ग्राम पानी में रगड़ छानकर प्रातः दस दिन तक लगातार पियें तत्पश्चात इसे हर दो महीने बाद दस दिन तक लें मधुमेह(डायबिटीज) दूर करने की यह अति उत्तम औषधि है

४. अच्छे पके हुए ६० ग्राम जामुनों को ३०० ग्राम उबलते हुए पानी में डालकर रख दें आधे घंटे बाद मसलकर छान लें इसके तीन भाग करके एक-एक मात्रा दिन में तीन बार पीने से रोगी के मूत्र में शर्करा बहुत कम हो जाती है नियमपूर्वक कुछ समय तक सेवन करते रहने से रोगी बिल्कुल ठीक हो जाता है५.करेला का सेवन भी मधुमेह (डायबिटीज)में लाभकारी है

६.जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीसकर उनका चूर्ण बना लें २ चम्मच प्रातः पानी के साथ २१दिन तक लें लाभ अवश्य होगा

७. मेथी दाना ६ ग्राम लेकर थोड़ा कूट लें और सायं पानी में भिगो दें प्रातः इसे खूब घोटें और बिना मीठा मिलाये पियें २ महीने तक सेवन करने से मधुमेह(डायबिटीज)नाम का रोग दूर हो जाता हैं

सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :-

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन 1000 से भी ज्यादा रेलवे की सभी नौकरियों की सही जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें 
अपनी मन पसंद ख़बरे मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.