बुखार होने पर इन दवाइयों का इस्तेमाल भूलकर भी ना करें, पड़ सकते हैं लेने के देने

592

हेल्थ : स्वास्थ्य सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति का नाम नहीं है। हमें सर्वांगीण स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होना बोहोत आवश्यक है। स्वास्थ्य का अर्थ विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग होता है। लेकिन अगर हम एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण की बात करें तो अपने आपको स्वस्थ कहने का यह अर्थ होता है कि हम अपने जीवन में आनेवाली सभी सामाजिक, शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों का प्रबंधन करने में सफलतापूर्वक सक्षम हों। वैसे तो आज के समय मे अपने आपको स्वस्थ रखने के ढेर सारी आधुनिक तकनीक मौजूद हो चुकी हैं, लेकिन ये सारी उतनी अधिक कारगर नहीं हैं।हम बुख़ार से राहत पाने के लिए मेडिकल स्टोर्स पर मिलनेवाली एलोपैथी की दवाइयों का इसतेमाल करते हैं. इन दवाइयों का इस्तेमाल करना कितना सही और कितना गलत है, आइए जानते हैं.

1.ऐंटी-बायोटिक

2.पैरासिटामॉल

3.ऐंटासिड

4.ऐंटी-एलर्जिक

बुख़ार में डॉक्टर एंटीबायोटिक्स लिखकर देते हैं लेकिन सच तो यह है कि एंटीबायोटिक्स दवाइयां असल में सिर्फ बैक्टीरिया को नष्ट करती हैं वायरस को नष्ट करने में उनका कोई योगदान होता है.

पैरासिटामॉल का प्रभाव

पैरासिटामॉल आपके शरीर के तापमान ​को कम करती है.पैरासिटामॉल खाने से आपका बुख़ार उतर जाता है लेकिन वायरस की ग्रोथ और ज़्यादा बढ़ जाती है.

ऐंटी-एलर्जिक दवाओं का प्रभाव

ऐंटी-एलर्जिक दवाएं हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देती हैं. रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वायरस को बढ़ने का मौक़ा मिल जाता है.

👉 Important Link 👈
👉 Join Our Telegram Channel 👈
👉 Sarkari Yojana 👈

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.