अमेरिका के नहीं चाहने के बावजूद रूस से एस-400 ट्रिअम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के सौदे को मंजूरी

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देश विदेश : भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले कुछ महीनों में काफी बेहतर हुए हैं। इसका एक उदाहरण तब देखने को मिला, जब अमेरिका ने भारत को मुश्किल से बचाने के लिए खुद अपने ही कानून में बदलाव कर दिया। अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रीय रक्षा विधेयक, 2019 पारित कर सीएएटीएसए कानून के तहत भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगने की संभावना को ही खत्म करने का तरीका ढूंढ़ लिया है। यदि यह कानून भारत के खिलाफ लागू रहता तो उसे रूस से हथियार खरीदने की हालत में कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता।

Image: Quartz

क्या है सीएएटीएसए कानून

सीएएटीएसए कानून के तहत अमेरिका किसी भी देश पर रूस से महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण खरीदने की हालत में प्रतिबंध लगा सकता है। गौरतलब है कि भारत ने भी अमेरिका के नहीं चाहने के बावजूद रूस से एस-400 ट्रिअम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के सौदे को मंजूरी दे दी है। इसके बाद भारत और अमेरिका के रिश्तों में दरार आने की बात कही जा रही थी, लेकिन अमेरिका ने इसका रास्ता निकाला और कानून के बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी। अब यह कानून बनने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा और इस पर उनके साइन होते ही यह लागू हो जाएगा।

पाकिस्तान पर कसी नकेल

एक तरफ अमेरिका ने जहां भारत को प्रतिबंधों से बचाने के लिए अपने कानून में ही बदलाव कर दिया, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान पर नकेल कसी है। अमेरिकी सीनेट ने एक ऐसा बिल पारित किया है, जिसमें पाकिस्तान को सुरक्षा संबंधी आर्थिक सहायता में भारी कटौती कर दी गई है और इसकी एक सीमा तय की गई है। आर्थिक रूप से पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि अब उसे हर साल 15 करोड़ डॉलर यानी कि 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं मिल सकेंगे। आपको बता दें कि इस बिल के पास होने से पहले पाकिस्तान को लगभग 100 करोड़ डॉलर या 6,800 करोड़ रुपये तक मिलते थे।

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