9 मोटिवेशनल नुस्खे जो रखें आपको खुशमिजाज

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1. जानो सुख की तलाश

कुछ लोग जिंदगी में खुश रहने का मंत्र जानते हैं। उनमें जिंदगी का आनंद लेने का जज्बा होता है। क्या उनका जीवन इतना भरापूरा है? नहीं, उनके जीवन में भी कठिनाइयां और हताशाएं हैं। पर इसके  बावजूद वे निराश नहीं होते। वे इसे जिंदगी का एक हिस्सा मानते हैं और यही उनके सुखी रहने का रहस्य है। वे जानते है कि खुशी हासिल कैसे करनी है। वे छोटी-छोटी चीजों में अपना सुख तलाश लेते हैं। सुखी रहने का मतलब इस अहसास को जिलाए रखना है कि मन की शांति कैसे कायम रहे।

2. दूसरों को स्वीकारना

अकसर लोग सामने वाले से इसलिए खुश नहीं रहते, क्योंकि वह उनकी उम्मीद के हिसाब से व्यवहार नहीं करता। भला कोई आपके हिसाब से खुद को क्यां बदले? वह अपनी तरह से खुश रहना चाहता हैं, जैसे आप रहना चाहते हैं। इसमें चिढ़नेवाली या उसे ले कर गलत धारणा बनाने की जरूरत नहीं है। वह जैसा है, वैसा ही उसे स्वीकर करके देखिए।

3. खुद को ट्रीट देना

एक प्लानर खरीदिए और लक्ष्य तय कीजिए। कुछ चमकीले छोटे स्टार खरीदिए। जो लक्ष्य जिस तारीख को पूरा हो, वहां एक स्टार चिपका दें। साल बीतने के बाद उन सितारों को गिनें, बहुत खुशी महसूस करेंगी। अपनी कामयाबियों के लिए खुद को ट्रीट देना ना भूलें। आप जिस बात को ले कर चिंतित है, उससे निबटने की कोशिरा करें। यदि कुछ कर सकती हैं, तो अच्छी बात है, नहीं कर सकते, तो एक लिस्ट बनाईए कि उससे निबटने के लिए क्या किया जा सकता है।

4. रूटीन से ब्रेक लेना

ब्रेक लेने का मतलब है कि कुछ ऐसा करें, जिससे वाकई खुशी मिलती हो। पहले स्पष्ट रूप से सोचें कि क्या करना चाहेंगी? बाहर कहीं घूमने जाना है, किताब पढ़ना है या खूब आराम करना है। अपनी पसंद का काम करें।

5. खुद को ना कोसना

अपने कोई चीज खरीदी या जॉब बदली, पर वह आपके मनुमतबिक नहीं निकली, तो खुद को कोसने की जरूरत नहीं है। हमेशा पसंद की चीज खरीदने या जॉब पाने का दूसरा मौका होका है। उम्मीद रखनेवाला नजरिया आपके खुश रखता है।

6. मनभावन की लिस्ट बनाना

जो संबंध, अनुभव, लोग व स्थान आपके लिए यादगार हैं, उनकी लिस्ट बनाइए। जब कभी खुद को दुखी महसूस करें, उस लिस्ट को निकालिए और उन लोगो व लमहों को याद कीजिए। मूड एकदम तरोताजा हो जाएगा। कड़े प्रयास से लक्ष्य पाने का क्षण याद कीजिए। आपने कठिन वक्त को याद रखें, आगे बढ़ने की शाक्ति मिलेगी।

7. छोटे लक्ष्य तय करना

अपने लक्ष्य तय करके खुद से पूछें कि इसके पूरा होने से क्या वाकई खुशी महसूस होगी? यदि शतरंज खेलना ना आने की वजह से आप महफिल में मुंह ताकते बैठे रहते हैं, तो इसे सीखिए। सीखने की समय सीमा तय कर लें।

8. एक प्राचीन बौद्ध कहावत

खुशी को महसूस करने के 4 तरीके हैं– भोजन करंना, सोना, ध्यान लगाना और अपने शरीर का ध्यान रखना, उसकी मालिश करना। नहाना व कसरत करना। इसके अलावा कुछ खेलों मसलन बैडमिंटन, टेनिस, टेबल टेनिस को अपने जीवन में शामिल कीजिए। हमेशा खुश रहेंगे। कुछ भी खेलना शुरु कीजिए, बस अपने लिए वक्त निकालना होगा।

9. दिन के आखिर में

शाम के समय जब बैठें, तो अपने आपसे 3 सवाल करें – क्या आज के दिन के लिए मै ईश्वर की शुक्रगुजार हूं? क्या मैं आज के दिन काम करने में मुझे आनंद आया? इन सवालों का सकारात्मक जवाब दिल से मिलने का मतलब है कि आप खुश रहना जानती है। खुशियां बिखेरनेवाला स्वभाव सबसे पहले आपको खुश करता है।

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