महिलाओं को बुढ़ापे में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी हैं ये पांच विटामिन

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जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, खासकर महिलाओं में। जिससे शरीर कई तरह की बीमारियों का शिकार हो जाता है। महिलाओं के लिए अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने परिवार का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। तो अगर आप बुढ़ापे में भी स्वस्थ रहना चाहते हैं तो रोजाना इन विटामिनों का सेवन करना शुरू कर दें।

विटामिन सी: विटामिन सी इसका कार्य शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना है। नतीजतन, शरीर कई संक्रामक रोगों से सुरक्षित रहता है। साथ ही विटामिन सी त्वचा को स्वस्थ रखता है।

फोलेट: फोलेट  इसे विटामिन बी भी कहा जाता है, जो गर्भावस्था के दौरान बहुत जरूरी होता है। इसकी कमी से बच्चों में मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। फोलेट लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। यह विटामिन विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान लिया जाना चाहिए।

लोहा: अधिकांश भारतीय महिलाएं लोहा (IRON) की कमी से जूझ रहीं है। जननांगों के समुचित कार्य के लिए आयरन आवश्यक है। इसके अलावा, इसका कार्य ऊर्जा उत्पन्न करना, लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करना, घावों को भरना और प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखना है।

विटामिन डी और विटामिन बी: वृद्धावस्था में गठिया या जोड़ों के दर्द को रोकने के लिए विटामिन डी बहूत ज़रूरी है। 19 से 50 वर्ष की आयु वर्ग की अधिकांश महिलाएं विभिन्न पोषण संबंधी कमियों से पीड़ित हैं। इसमें विटामिन डी और बी होता है। ऐसे में इस उम्र की महिलाओं को रोजाना 15 मिलीग्राम विटामिन डी लेना चाहिए। तो वहीं, विटामिन बी.  लगभग 1.3 मिलीग्राम, गर्भावस्था के दौरान लगभग 1.9 मिलीग्राम और प्रतिदिन लगभग 2 मिलीग्राम स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लेना चाहिए।

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