हिंदू धर्म में विवाहित महिलाएं अपने मांग में क्यों लगाती है सिंदूर, जानिए कारण

1,521

रोचक बातें : हिंदू धर्म में माने जाने वाले हर परंपरा के पीछे कुछ न कुछ वैज्ञानिक कारण जरूर होता है। हालांकि ज्यादातर लोग इन परंपराओं को लोगों का अंधविश्वास मानते हैं। हिंदू समाज में सभी विवाहित महिलाओं को अपने माथे पर सिंदूर लगाने की प्रथा हजारों साल से चली आ रही है। जिसे लोग महिला के विवाहित होने की एक निशानी के रूप में देखते हैं। क्योंकि महिलाएं शादी के बाद ही सिंदूर लगाती हैं।

नई सरकारी नौकरियों के लिए यहाँ पर देखें :

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन

loading...

1000 से भी ज्यादा रेलवे की सभी नौकरियों की सही जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें 

mein sindoor lagana

हिंदू धर्म की वैदिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सभी विवाहित महिलाओं को अपने मांग में सिन्दूर भरना अति आवश्यक है। हिंदू समाज विवाहित महिलाओं के लिए में सिंदूर की उनके सुहाग की एक निशानी मानी जाती है। इसे महिलाओं के 16 सिंगार में से एक माना जाता है। इसलिए आइए सिंदूर लगाने के पीछे के वैज्ञानिक कारण को जानते हैं।

इस परंपरा के पीछे से वैज्ञानिक कारण को माने तो हिंदू लगाने का संबंध स्त्री के पूरे शरीर से है। महिलाओं के मस्तिष्क मध्य में एक महत्वपूर्ण ग्रंथि पाई जाती है जिसे ब्रहमरंध के नाम से जाना जाता है। ब्रहमरंध ग्रंथि महिलाओं के मस्तिष्क के सामने वाले भाग से मध्य भाग से बीच में होता है। जिस भाग पर महिलाएं सिंदूर लगाती है और सिंदूर में पारा नामक धातु पाया जाता है। जो ब्रहमरंध ग्रंथि से माध्यम से महिलाओं के मस्तिष्क को तनाव से मुक्त रखता है। सिंदूर में पाई जाने वाले इस धातु वजह से महिलाओं को सिरदर्द और आनिद्रा जैसी समस्याएं कम उत्पन्न होती है।

आधुनिकता के इस दौर में सिंदूर का प्रारुप बदल चुका है। मार्केट में नई-नई वैरायटी की सिंदूर आने लगी है। जिससे सिंदूर भी फैशन का एक जरिया बन चुका है।

सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :-

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन 1000 से भी ज्यादा रेलवे की सभी नौकरियों की सही जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें 
अपनी मन पसंद ख़बरे मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.