योगा का पालन

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योगा का पालन करने से व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक शक्ति बढ़ जाती है, जिसके कारण उसका कार्य और व्यवहार और अच्छे से अमल में आता है|
आपको आजीवन युवा बनाए रखने में सक्षम है आप इन्हें किसी योगा एक्सपर्ट से अच्छे से सीखकर करें। यह बंध, मुद्रा, क्रिया, आसन है।

हस्त मुद्रा : 1.ज्ञान मुद्रा, 2.पृथ्वी मुद्रा, 3.वरुण मुद्रा, 4.वायु मुद्रा, 5.शून्य मुद्रा, 6.सूर्य मुद्रा, 7.प्राण मुद्रा, 8.लिंग मुद्रा, 9.अपान मुद्रा और 10.अपान वायु मुद्रा।

बंध-मुद्रा : 1.महामुद्रा, 2.महाबंध, 3.महावेधश्च, 4.खेचरी मुद्रा, 5.उड्डीयान बंध, 6.मूलबंध, 7.जालंधर बंध 8.विपरीत करणी मुद्रा, 9.वज्रोली मुद्रा, 10.शक्ति चालन।

आसन : 1.शीर्षासन, 2.मयूरासन, 3.भुजपीड़ासन, 4.कपोत आसन, 5.अष्टवक्रासन, 6.एकपाद कोंडियासन, 7.वृश्चिक आसन, 8.हलासन, 9.अर्धमत्स्येंद्रासन, 10.चक्रासन।

प्राणायाम : 1.अनुलोम विलोम, 2.भस्त्रिका, 3.कपालभाती, 4.भ्रामरी, 5.उज्जायी, 6.शितकारी, 7.शितली, 8.उद्गीथ, 9. बाह्य और 10. अग्निसार।

टॉप टेन क्रिया : 1.धौति, 3. गणेश, 3.बस्ती, 4.नेति, 5.त्राटक, 6.न्यौली, 7.कपालभाती, 8. कुंजल, 9.धौंकनी, 10.शंख प्रक्षालयन।

क्रियाओं को छोड़कर प्रत्येक व्यक्ति इन्हें थोड़े से अभ्यास से सीख सकता है। इन्हें सीखने के बाद किसी भी प्रकार के रोग और शोक व्यक्ति के पास फटक नहीं सकते। कारण यह कि यह योगा आपकी सेहत ही नहीं आपके मानसिक स्तर का भी ध्यान रखते हैं। यह आपमे पॉजिटिव एनर्जी का लेवल बढ़ाकर दुखों से निजात भी दिलाते हैं।

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