बांग्लादेश के अस्पताल में कोरोनावायरस सर्टिफिकेट का फर्जीवाड़ा, इटली हुआ सख्त

436

कुछ दिन पहले बांग्लादेश में अधिकारियों ने एक अस्पताल के डॉक्टर को गिरफ्तार किया। इस डॉक्टर को गिरफ्तार करने के पीछे अधिकारियों के पास पुख्ता सबूत भी थे। इसकी पहचान मोहम्मद शहीद के रूप में की गई।

अस्पताल की ओर से कोरोना वायरस का फर्जी सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा था। और तो और इस अस्पताल की ओर से ऐसे एक दो फर्जी सर्टिफिकेट जारी नहीं किेए गए बल्कि इनकी संख्या हजारों में पाई गई। एक बात और भी चौंकाने वाली सामने आई कि अस्पताल की ओर से कई ऐसे भी सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए जिनका कभी सैंपल तक नहीं लिया गया।

सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :-

loading...

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन

दरअसल ये सर्टिफिकेट अस्पताल के डॉक्टर की ओर से उन श्रमिकों को बेचे गए जो दूसरे देशों में काम करने के लिए जाते हैं। ये सर्टिफिकेट मामूली पैसे ( 59 डॉलर) पर श्रमिकों को बेचे गए थे। बांग्लादेश में काफी गरीबी है। इस वजह से यहां से हजारों की संख्या में लोग दूसरे देशों में काम की तलाश में जाते हैं। वहां वो होटल, रेस्टोरेंट, मॉल्स, ग्रोसरी की दुकानों और तमाम जगहों पर काम करते हैं। उसके बाद वहां से कमाए हुए पैसे को अपने देश बांग्लादेश भेजते हैं जिससे वहां उनका परिवार पल सके। उन पैसों से बांग्लादेश सरकार की अर्थव्यवस्था चलती रहती है।

इटली में फिर हुई जांच तो सामने आया फर्जीवाड़ा

कई बांग्लादेशी बीते कुछ दिनों में इटली पहुंचे, यहां जब उनकी फिर से जांच की गई तो वो पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद बांग्लादेश में जारी किए गए सर्टिफिकेट पर उंगली उठने लगी। एक सप्ताह के बाद जितने बांग्लादेशी इटली या उस देश में पहुंचे थे उन सभी की फिर से जांच की गई तो वो सभी पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद इटली की सरकार ने बांग्लादेश से आने वाली सभी फ्लाइटों पर रोक लगा दी, जो लोग फ्लाइटों में बैठकर इटली पहुंचे थे उनको उसी फ्लाइट से वापस भेज दिया गया। इटली सरकार ने जब देखा कि बांग्लादेश से आने वाले अधिकतर मजदूर तबके के लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं तो उन्होंने वहां से आने वाली सभी फ्लाइटों पर पूरी तरह से रोक लगा दी।

यात्रियों से भरी फ्लाइट वापस भेजी

एक फ्लाइट में बांग्लादेश से 168 यात्री इटली पहुंचे थे, उनकी फ्लाइट को वैसे ही वापस कर दिया गया। इटली की ओर से बांग्लादेश से कहा गया कि आपके यहां से जो कोरोना के सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं वो पूरी तरह से फर्जी है। इसके सबूत भी बांग्लादेश को मुहैया कराए गए। उसके बाद बांग्लादेश पुलिस की ओर से सर्टिफिकेट जारी करने वाले अस्पताल की जांच की गई। अधिकारी जब अस्पताल में जांच करने के लिए पहुंचे और मालिक शाहिद को इसके बारे में पता चला वो गायब हो गया। 9 दिनों की तलाश के बाद पुलिस ने उसे सीमा पर पकड़ा।

 

सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :-

सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन 1000 से भी ज्यादा रेलवे की सभी नौकरियों की सही जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक करें 
अपनी मन पसंद ख़बरे मोबाइल में पढ़ने के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करे sabkuchgyan एंड्राइड ऐप- Download Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.