यह क्या एक मर्द दो बीवियां आखिर क्या है राज़ इस गाँव का

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बाड़मेर। भारत में जहां दो शादियां करना गैर कानून माना जाता है वहीं एक ऐसा भी गांव है जहां हर मर्द दो बार शादी करते हैं। जी हां, आप शायद इस बात पर यकीन ना करें लेकिन यह सच है। दरअसल, भारत के राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक देरासर गांव हैं।WIN PAYTM CASH : http://quizoffers.online/

इस गांव में लगभग 70 मुस्लिम परिवार रह रहे हैं। ये मुस्लिम परिवार दो बार शादी करने की परंपरा का पालन करते हैं और वे अपनी दो पत्नियों के साथ एक खुशहाल जीवन जीते हैं।

ये है वजह…
देरासर गांव के पुरुषों को दो बार शादी करने की इजाजत है और ये प्रथा वर्षों से चली आ रही है। ऐसा माना जाता है कि इस गांव में एक आदमी को अपनी पहली पत्नी से बच्चे नहीं मिल सकते हैं, इसलिए बच्चों के खातिर, उसे दूसरा विवाह करना पड़ता है।

पहली पत्नी से नहीं होते बच्चे…
यहां के ग्रामीणों का कहना है कि शादी पहली बीवी से कोई संतान नहीं होता, लेकिन वहीं दूसरी शादी के बाद सभी के घर में संतान सुख प्राप्त हुआ हैं। गांव में कई लोगों ने तो आधी उम्र बीत जाने के बाद संतान की चाह में दूसरी निकाह किए तो उन्हें संतान प्राप्त हुई। यह भी बताया गया कि सभी परिवारों के पास दूसरी पत्नी से बच्चे हैं, न कि पहली पत्नी से। इसलिए यही वह जगह है, जहां पर ये परंपरा शुरू हुई थी।

कुछ लोगों ने इस प्रथा को तोड़ा…
हालांकि यह परंपरा निराधार प्रतीत होती है। ऐसा माना जाता है कि गांव में कुछ परिवार हैं, जिनमें पुरुषों ने केवल एक बार ही शादी की है। लेकिन यह बताया गया है कि उन्हे अपनी पहली पत्नी से एक भी बच्चा नहीं मिल सका।

हालांकि कोई भी महिला किसी और महिला के साथ अपने पति को साझा नहीं करना चाहती, लेकिन इस गांव के बारे में एक अजीब किस्सा है कि यहां किसी भी व्यक्ति की पहली पत्नी को दूसरी पत्नी से न तो असुरक्षा है और न ही ईष्या है। और वे सभी सद्धाव के साथ एक छत के नीचे मिलकर रहती हैं।

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